बारिश के मौसम में क्यों बदल जाता है खाने का स्वाद? नमक-मिर्च का बैलेंस बिगड़ने की ये है वजह

Saroj kanwar
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बरसात का मौसम आते ही मौसम सुहावना हो जाता है और गर्मागर्म खाने की क्रेविंग भी बढ़ जाती है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि बारिश के दिनों में खाना बनाते समय नमक या मिर्च की मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है? कई बार कम मसाला डालने के बावजूद खाना ज्यादा नमकीन या तीखा हो जाता है।

दरअसल, इसके पीछे सिर्फ खाना बनाने में हुई गलती जिम्मेदार नहीं होती। बारिश के दौरान बढ़ी हुई नमी, मसालों की बनावट और खुशबू में बदलाव के साथ हमारी स्वाद महसूस करने की क्षमता भी खाने के स्वाद को प्रभावित कर सकती है।

बारिश में नमी क्यों बदल देती है नमक-मसालों का स्वाद?

मानसून के दौरान वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है। यह नमी खुले में रखे नमक और मसालों को प्रभावित कर सकती है। खासकर लंबे समय तक खुले डिब्बे में रखे मसाले हवा से नमी सोख लेते हैं।

नमी के कारण नमक के दाने आपस में चिपक सकते हैं और मसालों की बनावट भी बदल सकती है। ऐसे में एक चम्मच मसाला लेते समय उसकी वास्तविक मात्रा का अंदाजा लगाना पहले जितना आसान नहीं रहता। इसका सीधा असर खाने के स्वाद पर पड़ सकता है।

Taste Buds पर भी पड़ सकता है मौसम का असर

मौसम में बदलाव का असर हमारी स्वाद महसूस करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। बारिश के दौरान वातावरण ठंडा और नम होने के कारण कई बार खाने में नमक या मिर्च का स्वाद कम महसूस होता है।

ऐसे में खाना बनाते समय हमें लग सकता है कि मसाला कम है और हम जरूरत से ज्यादा नमक या मिर्च डाल देते हैं। खाना पूरी तरह तैयार होने के बाद जब स्वाद स्पष्ट रूप से महसूस होता है, तब उसमें नमक या तीखापन अधिक लग सकता है।

मसालों की खुशबू कम होने पर भी बढ़ जाता है मसाला

खाने का स्वाद केवल जीभ से नहीं, बल्कि उसकी खुशबू से भी जुड़ा होता है। बारिश के मौसम में वातावरण की नमी मसालों की सुगंध को प्रभावित कर सकती है। जब मसालों की खुशबू सामान्य से कम महसूस होती है, तो कई लोग स्वाद को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त नमक, मिर्च या दूसरे मसाले डाल देते हैं।

यही आदत बाद में खाने को जरूरत से ज्यादा तीखा या नमकीन बना सकती है।

मानसून में चटपटा खाने का मन भी बढ़ाता है मसालों की मात्रा

बारिश के दिनों में गर्मागर्म और मसालेदार चीजें खाने की इच्छा बढ़ना आम बात है। पकोड़े, समोसे, चाट और दूसरे चटपटे व्यंजन इस मौसम में खूब पसंद किए जाते हैं।

ऐसे में घर पर खाना बनाते समय भी लोग सामान्य दिनों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा मसाला इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि भोजन में मिर्च या मसालों का स्वाद जरूरत से ज्यादा हावी हो जाता है।

बारिश में मसालों की सही मात्रा का अंदाजा क्यों नहीं लगता?

नमी के कारण नमक और मसालों की बनावट बदलने से उनकी मात्रा को मापना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। एक चम्मच में आने वाले सूखे मसाले और नमी सोख चुके मसाले की मात्रा या बनावट अलग हो सकती है।

इसलिए किसी रेसिपी में बताई गई मात्रा को बिल्कुल उसी तरह इस्तेमाल करने के बावजूद बारिश के मौसम में स्वाद थोड़ा अलग महसूस हो सकता है।

मानसून में खाने का स्वाद संतुलित रखने के आसान तरीके

बारिश के मौसम में खाना स्वादिष्ट और संतुलित रखने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना फायदेमंद हो सकता है:

  • नमक और मसालों को एयरटाइट डिब्बों में रखें, ताकि उनमें नमी कम पहुंचे।
  • खाना बनाते समय नमक और मिर्च एक साथ ज्यादा मात्रा में न डालें। इन्हें धीरे-धीरे एडजस्ट करें।
  • मसाले डालने के बाद खाने को बीच-बीच में चखते रहें, ताकि जरूरत के अनुसार मात्रा तय की जा सके।
  • मसालों के डिब्बों को सूखी और नमी से दूर जगह पर रखें
  • मानसून में मसाले खरीदते समय उनकी ताजगी, खुशबू और गुणवत्ता जरूर जांचें।
  • अगर मसालों में नमी आ गई है, तो उन्हें लंबे समय तक खुले में रखने के बजाय उचित तरीके से स्टोर करें।

निष्कर्ष

बरसात में खाने का स्वाद बदलने के पीछे केवल खाना बनाने की गलती नहीं होती। वातावरण में बढ़ी नमी, नमक-मसालों की बनावट, उनकी खुशबू और स्वाद महसूस करने के तरीके में बदलाव भी इसकी वजह बन सकते हैं। इसलिए मानसून में मसालों को सही तरीके से स्टोर करने और खाना बनाते समय उन्हें धीरे-धीरे मिलाने से स्वाद को बेहतर तरीके से संतुलित रखा जा सकता है।

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