Salary Account Benefits: नौकरीपेशा लोगों के लिए सैलरी अकाउंट सिर्फ हर महीने वेतन प्राप्त करने का जरिया नहीं है। बैंक अपने सैलरी अकाउंट ग्राहकों को कई ऐसी सुविधाएं भी देते हैं, जिनका फायदा आम सेविंग्स अकाउंट की तुलना में ज्यादा मिल सकता है। हालांकि, जानकारी के अभाव में कई लोग इन सुविधाओं का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाते।
सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बैंक अलग-अलग तरह के सैलरी अकाउंट उपलब्ध कराते हैं। इनमें क्लासिक सैलरी अकाउंट, वेल्थ सैलरी अकाउंट, BSBD सैलरी अकाउंट और डिफेंस सैलरी अकाउंट जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। इन खातों के फायदे बैंक और अकाउंट की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं।
आइए जानते हैं सैलरी अकाउंट से जुड़े ऐसे फायदे, जो आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
1. जीरो बैलेंस पर भी अकाउंट चलता रहता है
सैलरी अकाउंट की सबसे खास सुविधाओं में से एक जीरो बैलेंस की सुविधा है। आमतौर पर इसमें मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की बाध्यता नहीं होती। यानी अगर किसी समय आपके खाते में पैसे नहीं हैं, तब भी सिर्फ कम बैलेंस के कारण पेनाल्टी नहीं लगती।
हालांकि, बैंक की शर्तों और अकाउंट के प्रकार के अनुसार नियम अलग हो सकते हैं।
2. डिजिटल मनी ट्रांसफर पर मिल सकती है छूट
सैलरी अकाउंट के साथ कई बैंक NEFT, RTGS और कुछ मामलों में IMPS जैसी डिजिटल ट्रांजैक्शन सुविधाएं बिना अतिरिक्त शुल्क या रियायती शुल्क पर उपलब्ध कराते हैं।
इससे नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग के जरिए दूसरे खाते में पैसे भेजना आसान हो जाता है और ट्रांजैक्शन की लागत भी कम हो सकती है।
3. जरूरत पड़ने पर मिल सकती है ओवरड्राफ्ट सुविधा
सैलरी अकाउंट के साथ कुछ बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा भी देते हैं। इसका मतलब है कि खाते में उपलब्ध बैलेंस खत्म होने के बाद भी बैंक की तय लिमिट तक अतिरिक्त रकम इस्तेमाल की जा सकती है।
यह सुविधा अचानक आने वाले खर्च या वित्तीय जरूरत के समय उपयोगी हो सकती है। हालांकि, ओवरड्राफ्ट की पात्रता, लिमिट, ब्याज और अन्य शर्तें बैंक की पॉलिसी पर निर्भर करती हैं। सिर्फ CIBIL स्कोर के आधार पर सभी सैलरी अकाउंट ग्राहकों को ओवरड्राफ्ट मिलना जरूरी नहीं है।
4. डेबिट कार्ड और चेकबुक का फायदा
कई बैंक सैलरी अकाउंट के साथ डेबिट कार्ड और चेकबुक जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं। कुछ अकाउंट में इन पर शुल्क नहीं लिया जाता या शुल्क में छूट दी जाती है।
हालांकि, कार्ड के प्रकार और बैंक की शर्तों के अनुसार फीस अलग हो सकती है।
5. क्रेडिट कार्ड पर मिल सकते हैं खास ऑफर
सैलरी अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को कुछ बैंक क्रेडिट कार्ड से जुड़े विशेष ऑफर भी देते हैं। इनमें कम या माफ की गई वार्षिक फीस, रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और दूसरे फायदे शामिल हो सकते हैं।
लेकिन क्रेडिट कार्ड की मंजूरी बैंक की पात्रता और ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर होती है।
6. इंश्योरेंस कवर की सुविधा
कुछ सैलरी अकाउंट में पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस, एक्सीडेंटल डेथ कवर या अन्य बीमा लाभ भी दिए जाते हैं। इससे खाताधारक को अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा मिल सकती है।
यह सुविधा सभी सैलरी अकाउंट में जरूरी नहीं होती, इसलिए अकाउंट खोलने या इस्तेमाल करने से पहले बैंक के नियम और कवरेज की शर्तें जरूर जांच लें।
7. लोन लेना हो सकता है आसान
सैलरी अकाउंट में हर महीने नियमित आय आने के कारण बैंक के पास ग्राहक की आय का एक रिकॉर्ड रहता है। ऐसे में कुछ मामलों में पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन के लिए आवेदन करना आसान हो सकता है।
कुछ बैंक अपने सैलरी अकाउंट ग्राहकों को प्री-अप्रूव्ड लोन या ब्याज दरों पर विशेष ऑफर भी दे सकते हैं। हालांकि, लोन की मंजूरी आय, क्रेडिट स्कोर, नौकरी, बैंक की नीतियों और अन्य पात्रता मानदंडों पर निर्भर करती है।
8. प्रायोरिटी बैंकिंग जैसी सुविधाएं
जिन ग्राहकों का सैलरी अकाउंट बैंक की प्रीमियम या वेल्थ कैटेगरी में आता है, उन्हें प्रायोरिटी बैंकिंग सर्विस मिल सकती है।
इसमें रिलेशनशिप मैनेजर, प्राथमिकता के आधार पर बैंकिंग सहायता और कुछ विशेष सेवाएं शामिल हो सकती हैं। ये सुविधाएं अकाउंट की कैटेगरी और बैंक के नियमों पर निर्भर करती हैं।
9. ATM और शॉपिंग ऑफर का भी फायदा
सैलरी अकाउंट ग्राहकों को बैंक की ओर से तय सीमा के भीतर फ्री ATM ट्रांजैक्शन की सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा कई बैंक अपने ग्राहकों को ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी, डाइनिंग और दूसरे खर्चों पर डिस्काउंट या कैशबैक ऑफर भी देते हैं।
इन ऑफर्स का लाभ लेने से पहले उनकी वैधता, ट्रांजैक्शन लिमिट और अन्य नियम जरूर देख लें।
सैलरी अकाउंट के फायदे जानना क्यों जरूरी है?
सैलरी अकाउंट सिर्फ वेतन जमा करने वाला बैंक खाता नहीं है। इसमें मिलने वाली सुविधाएं आपके बैंकिंग खर्च को कम करने और जरूरत के समय अतिरिक्त वित्तीय विकल्प उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, हर बैंक और हर सैलरी अकाउंट में सभी सुविधाएं एक जैसी नहीं होतीं।
इसलिए अपने अकाउंट से मिलने वाले फायदे, शुल्क, ट्रांजैक्शन लिमिट, इंश्योरेंस कवरेज और लोन से जुड़ी शर्तों को बैंक की आधिकारिक जानकारी से जरूर जांचें।