नई दिल्ली: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। रेलवे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर संचालित की जाएगी। इसके साथ ही अमृत भारत योजना के तहत तैयार किए गए जींद जंक्शन के नए स्टेशन भवन का उद्घाटन भी प्रस्तावित है।
जींद स्टेशन और हाइड्रोजन प्लांट का हुआ निरीक्षण
उत्तरी रेलवे के दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने हाल ही में जींद रेलवे स्टेशन, नए स्टेशन भवन और हाइड्रोजन प्लांट का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान संभावित उद्घाटन समारोह के लिए एकलव्य स्टेडियम और हेलिपैड का भी जायजा लिया गया।
हालांकि रेलवे या जिला प्रशासन की ओर से अभी तक प्रधानमंत्री के दौरे या उद्घाटन कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन रेलवे विभाग के सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम 12 जुलाई या 17 जुलाई के आसपास आयोजित किया जा सकता है।
ट्रायल अंतिम चरण में, सफल रहे स्पीड टेस्ट
डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल अब अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। सोनीपत-जींद रेलखंड पर ट्रेन की स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य सेक्शनों पर परीक्षण जारी है।
उन्होंने कहा कि सभी तकनीकी परीक्षण जल्द पूरे किए जाएंगे। इसके बाद आवश्यक मंजूरी मिलने पर ट्रेन का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
भारत के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन देश के रेलवे इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। दुनिया के केवल कुछ ही देशों में हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित हो रही हैं। यह ट्रेन पारंपरिक डीजल इंजन की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण-अनुकूल होगी क्योंकि इसके संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहेगा।
रेल मंत्रालय का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और भारतीय रेलवे को हरित परिवहन की दिशा में आगे ले जाना है।
हाइड्रोजन फिलिंग स्टेशन भी तैयार
अमृत भारत अभियान के तहत विकसित जींद जंक्शन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नया स्टेशन भवन तैयार किया गया है। इसके साथ ही हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए अत्याधुनिक हाइड्रोजन फिलिंग स्टेशन भी स्थापित किया गया है, जिससे ट्रेन में ईंधन भरने की प्रक्रिया सुरक्षित और तेज़ी से पूरी की जा सकेगी।
उद्घाटन की तारीख पर अभी फैसला बाकी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अभी तक उद्घाटन की कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है। फिलहाल सभी तैयारियों और परियोजना की प्रगति का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। ट्रायल पूरी तरह सफल होने और अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद केंद्र सरकार उद्घाटन की तारीख और कार्यक्रम की घोषणा करेगी।
भारत की ग्रीन रेलवे की ओर बड़ा कदम
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं बल्कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि सभी परीक्षण सफल रहते हैं तो जल्द ही यह ट्रेन जींद-सोनीपत रेलखंड पर यात्रियों को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक यात्रा का नया अनुभव देगी।