पहली ट्रेन लेट होने से छूटी कनेक्टिंग ट्रेन? रेलवे से पाएं टिकट का पूरा रिफंड, जानें नियम

Saroj kanwar
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रेल यात्रा के दौरान कई यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए एक से अधिक ट्रेन बदलनी पड़ती है। ऐसे में सबसे बड़ी परेशानी तब होती है, जब पहली ट्रेन निर्धारित समय से देर से पहुंचती है और उसके कारण दूसरी कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है। इस स्थिति में यात्रियों को न केवल यात्रा में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, बल्कि दूसरी ट्रेन की टिकट का पैसा भी नुकसान हो सकता है।

हालांकि, भारतीय रेलवे ने ऐसे यात्रियों के लिए एक खास व्यवस्था की है। यदि आपने सही तरीके से कनेक्टिंग जर्नी बुक की है और पहली ट्रेन की देरी के कारण दूसरी ट्रेन छूट जाती है, तो तय नियमों के तहत टिकट का पूरा रिफंड प्राप्त किया जा सकता है।

कनेक्टिंग ट्रेन छूटने पर पूरा रिफंड कैसे मिलेगा?

यदि आप चाहते हैं कि पहली ट्रेन लेट होने पर दूसरी ट्रेन की टिकट का पैसा सुरक्षित रहे, तो टिकट बुक करते समय ही अपनी यात्रा को “कनेक्टिंग जर्नी” के रूप में दर्ज करना जरूरी है। इसके लिए आपको कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।

ऐसे करें कनेक्टिंग जर्नी बुकिंग

1. IRCTC ऐप या वेबसाइट पर टिकट बुक करें
सबसे पहले IRCTC के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर अपनी यात्रा की टिकट बुक करें।

2. ‘Connecting Journey Booking’ विकल्प चुनें
टिकट बुकिंग के दौरान उपलब्ध विकल्पों में “Connecting Journey Booking” को चयनित करें।

3. पहली ट्रेन का PNR नंबर दर्ज करें
इस विकल्प को चुनने के बाद पहली ट्रेन का PNR नंबर दर्ज करें, ताकि दोनों यात्राएं रेलवे के रिकॉर्ड में एक कनेक्टिंग जर्नी के रूप में लिंक हो जाएं।

एक बार दोनों टिकट आपस में लिंक हो जाने के बाद, यदि पहली ट्रेन की देरी के कारण दूसरी ट्रेन छूटती है, तो आप रेलवे के नियमों के अनुसार रिफंड के पात्र हो सकते हैं।

रिफंड पाने के लिए इन नियमों का रखें ध्यान

कनेक्टिंग जर्नी के तहत रिफंड का लाभ लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तों का पालन करना जरूरी है।

  • यह सुविधा तत्काल (Tatkal) टिकट पर लागू नहीं होती।
  • पहली ट्रेन के स्टेशन पहुंचने के 3 घंटे के भीतर TDR (Ticket Deposit Receipt) भरना अनिवार्य है।
  • दोनों ट्रेनों के बीच उचित समय का अंतर होना चाहिए, ताकि यात्रा वास्तव में कनेक्टिंग मानी जा सके।
  • पहली और दूसरी ट्रेन के बीच अधिकतम 5 दिन का अंतर ही स्वीकार किया जाता है।

समय पर TDR भरना क्यों जरूरी है?

अगर पहली ट्रेन की देरी की वजह से आपकी दूसरी ट्रेन छूट गई है, तो रिफंड पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम समय पर TDR (Ticket Deposit Receipt) दाखिल करना है। रेलवे के नियमों के अनुसार, पहली ट्रेन के अपने गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के तीन घंटे के भीतर TDR दर्ज करना आवश्यक है। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन किया जाता है, तो रिफंड का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

किन यात्रियों के लिए फायदेमंद है यह सुविधा?

यह नियम विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो लंबी दूरी की यात्रा के दौरान एक से अधिक ट्रेन बदलते हैं। सही तरीके से कनेक्टिंग जर्नी बुक करने और समय पर TDR भरने से दूसरी ट्रेन की टिकट का आर्थिक नुकसान बचाया जा सकता है।

यदि आप भी अक्सर कनेक्टिंग ट्रेन से यात्रा करते हैं, तो टिकट बुकिंग के समय इस विकल्प का इस्तेमाल जरूर करें। इससे पहली ट्रेन की देरी की स्थिति में भी आपका टिकट का पैसा सुरक्षित रह सकता है और यात्रा से जुड़ी अनावश्यक परेशानी कम हो सकती है।

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