कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS-95 से जुड़े लाखों पेंशनर्स हर महीने मिलने वाली पेंशन पर निर्भर हैं। ईपीएफओ के डैशबोर्ड के अनुसार, इस योजना के तहत 82 लाख से अधिक पेंशनर्स हैं। पेंशन का भुगतान बिना रुकावट जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण यानी Life Certificate का वैध रहना जरूरी है।
हर साल नवंबर में ही जमा करना जरूरी नहीं
ईपीएफ पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी DLC जमा करने की कोई एक तय सालाना डेडलाइन नहीं है। यह सर्टिफिकेट जमा किए जाने की तारीख से 12 महीने तक वैध रहता है। इसलिए पेंशनर्स को अपने पिछले लाइफ सर्टिफिकेट की वैधता पर नजर रखनी चाहिए।
अगर वैधता खत्म होने तक नया सर्टिफिकेट जमा नहीं किया जाता है, तो अगली पेंशन पेमेंट प्रभावित हो सकती है। हालांकि, नया DLC जमा और सफलतापूर्वक प्रोसेस होने के बाद पेंशन फिर शुरू की जा सकती है। रुकी हुई पेंशन की राशि भी नियमों के अनुसार बाद में मिल सकती है।
घर बैठे कैसे बनाएं Digital Life Certificate?
अब पेंशनर्स Aadhaar-based Face Authentication के जरिए घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कर सकते हैं। इसके लिए बैंक या पेंशन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होती। इसके लिए आधार नंबर, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और पेंशन से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक है। साथ ही आधार का पेंशन भुगतान एजेंसी यानी बैंक या पोस्ट ऑफिस के रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है।
Step 1: जरूरी ऐप इंस्टॉल करें
ऐसे Android स्मार्टफोन का इस्तेमाल करें जिसमें फ्रंट कैमरा और इंटरनेट कनेक्शन हो। फोन में Jeevan Pramaan ऐप और AadhaarFaceRD ऐप इंस्टॉल करें।
Step 2: Jeevan Pramaan ऐप शुरू करें
ऐप खोलने के बाद मांगी गई जरूरी परमिशन दें। इससे ऐप कैमरा और आवश्यक मोबाइल सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेगा।
Step 3: ऑपरेटर का वेरिफिकेशन करें
इसके बाद आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। OTP के जरिए सत्यापन पूरा होने के बाद ऑपरेटर की जानकारी दर्ज की जा सकती है।
अगर पेंशनर खुद स्मार्टफोन नहीं चला सकता, तो परिवार का कोई सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति उसकी सहायता करते हुए ऑपरेटर की भूमिका निभा सकता है।
Step 4: पेंशन की जानकारी भरें और Face Authentication करें
स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे की मदद से पेंशनर का चेहरा कैप्चर करें। इसके बाद मांगी गई पेंशन संबंधी जानकारी भरें और उपलब्ध विकल्पों में सही PPO नंबर चुनें।
यदि PPO नंबर सूची में नहीं दिखाई देता है, तो नया PPO जोड़ने के विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Step 5: DLC जनरेट करें
सभी जानकारी दर्ज करने के बाद Aadhaar-based Face Authentication पूरा करें। सफल सत्यापन के बाद Digital Life Certificate तैयार हो जाएगा और एक यूनिक प्रमाण आईडी मिलेगी।
Step 6: प्रमाण आईडी को सुरक्षित रखें
DLC बनने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्रमाण आईडी और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से संबंधित लिंक वाला SMS प्राप्त होता है। प्रक्रिया के दौरान चुनी गई पेंशन भुगतान एजेंसी को DLC इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेज दिया जाता है। इसलिए सामान्य तौर पर पेंशनर को इसकी अलग से हार्ड कॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होती।
DLC जमा करते समय इन गलतियों से बचें
पेंशनर्स को लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने से पहले PPO नंबर, आधार, बैंक खाते और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी को पेंशन भुगतान एजेंसी के रिकॉर्ड से मिलाना चाहिए। किसी जानकारी में अंतर होने पर DLC के सत्यापन या प्रोसेसिंग में परेशानी आ सकती है।
साथ ही, नया सर्टिफिकेट जमा करने से पहले पुराने DLC का स्टेटस जरूर जांच लें। बिना स्टेटस देखे बार-बार नया सर्टिफिकेट जमा करने से बचना चाहिए। DLC की प्रमाण आईडी को भी संभालकर रखें, क्योंकि भविष्य में सर्टिफिकेट का स्टेटस जांचने के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है।
स्मार्टफोन नहीं चला सकते तो क्या करें?
अगर पेंशनर स्मार्टफोन या Face Authentication का इस्तेमाल नहीं कर सकता, तो परिवार के सदस्य या देखभाल करने वाले व्यक्ति की सहायता ली जा सकती है। इसके अलावा संबंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए भी जीवन प्रमाण की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
कुछ मामलों में रजिस्टर्ड डिवाइस के जरिए फिंगरप्रिंट या आइरिस आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का विकल्प भी उपलब्ध होता है। वहीं, कुछ बैंक और India Post Payments Bank (IPPB) बुजुर्ग या चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनर्स के लिए डोरस्टेप बैंकिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं।
इसलिए EPS-95 पेंशनर्स को अपने लाइफ सर्टिफिकेट की वैधता समय पर जांचते रहना चाहिए, ताकि पेंशन भुगतान में अनावश्यक रुकावट न आए।