बादाम खाने का सही तरीका क्या है? जानें कब और कैसे खाएं, ताकि मिले भरपूर पोषण

Saroj kanwar
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बादाम को सेहतमंद ड्राई फ्रूट्स में सबसे खास माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन ई और कई जरूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं। यही वजह है कि इसे रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, बादाम खाने के तरीके को लेकर लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं हैं, खासकर इसे भिगोने और छिलका उतारने को लेकर।

कई भारतीय परिवारों में रातभर बादाम भिगोकर सुबह उसका छिलका निकालकर खाने की परंपरा है। लेकिन क्या छिलका निकालना वास्तव में जरूरी है? Almond Board of California की न्यूट्रिशन एक्सपर्ट एलेना हेल्मर के अनुसार, बादाम का छिलका भी कई पोषक तत्वों का स्रोत होता है। इसलिए केवल छिलके की वजह से बादाम को कम पौष्टिक मानना सही नहीं है।

क्या बादाम का छिलका निकालना जरूरी है?

बादाम के छिलके को लेकर अक्सर कहा जाता है कि इसमें मौजूद कुछ तत्व पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं। इसी वजह से बहुत से लोग बादाम को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उसका छिलका हटा देते हैं।

हालांकि, एक्सपर्ट की राय के मुताबिक बादाम को छिलके के साथ खाने में कोई सामान्य समस्या नहीं है। बादाम चाहे भिगोकर खाया जाए या बिना भिगोए, यह पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ बना रहता है।

बादाम के छिलके में भी होते हैं पोषक तत्व

बादाम की बाहरी परत को हटाने से उसमें मौजूद कुछ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भी कम हो सकते हैं। छिलके में ऐसे पौधीय यौगिक पाए जाते हैं जो संतुलित डाइट का हिस्सा बनने पर शरीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

इसलिए बादाम को छिलके के साथ खाना भी एक अच्छा विकल्प है। अगर किसी व्यक्ति को भिगोए हुए और छिले बादाम ज्यादा आसानी से खाने या पचाने में सुविधाजनक लगते हैं, तो वह तरीका भी अपनाया जा सकता है।

रोज कितने बादाम खाएं?

बादाम पौष्टिक जरूर हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी काफी होती है। इसलिए इन्हें जरूरत से ज्यादा खाने के बजाय संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करना बेहतर है। आम तौर पर कई लोग रोजाना करीब 6–8 बादाम खाते हैं।

अगर आप बादाम भिगोकर खाना पसंद करते हैं, तो रात में इन्हें पानी में भिगोकर सुबह खा सकते हैं। इन्हें छीलना जरूरी नहीं है; यह आपकी पसंद और पाचन संबंधी सुविधा पर निर्भर करता है।

बादाम में कितने पोषक तत्व होते हैं?

लगभग 100 ग्राम बादाम में करीब 578 कैलोरी और लगभग 21 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसमें करीब 11–12 ग्राम फाइबर भी होता है। बादाम में मौजूद वसा का बड़ा हिस्सा मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है, जिसे संतुलित आहार का हिस्सा माना जाता है।

इसके अलावा बादाम में मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व हड्डियों, मांसपेशियों और शरीर के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण हैं।

बादाम खाने से क्या फायदे हो सकते हैं?

संतुलित मात्रा में बादाम को डाइट में शामिल करने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है, जबकि हेल्दी फैट और अन्य पोषक तत्व हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट कर सकते हैं।

बादाम को संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में खाने से वजन प्रबंधन, मांसपेशियों के लिए जरूरी पोषण और हड्डियों की सेहत को भी सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, किसी बीमारी के इलाज या रोकथाम के लिए केवल बादाम पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

निष्कर्ष

बादाम खाने का कोई एक अनिवार्य तरीका नहीं है। अगर आपको भीगे हुए बादाम पसंद हैं तो उन्हें रातभर भिगोकर सुबह खा सकते हैं। वहीं, छिलका हटाना जरूरी नहीं है, क्योंकि बादाम की बाहरी परत में भी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

सबसे जरूरी बात यह है कि बादाम को संतुलित मात्रा में अपनी पूरी डाइट का हिस्सा बनाएं। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या, एलर्जी या डाइट संबंधी जरूरत होने पर डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। इसे किसी बीमारी के इलाज या चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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