कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये किए जाने की चर्चा लंबे समय से चल रही है। लाखों पेंशनधारक सरकार से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और 7,500 रुपये मासिक पेंशन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि, सरकार ने फिलहाल ऐसी किसी बढ़ोतरी का प्रस्ताव होने से इनकार किया है।
गुरुवार को लोकसभा में EPS-95 की न्यूनतम पेंशन को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मौजूदा समय में न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये प्रति माह करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
अभी कितनी है EPS-95 की न्यूनतम पेंशन?
सरकार के मुताबिक, कर्मचारी पेंशन योजना-1995 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन फिलहाल 1,000 रुपये ही है। यह व्यवस्था 1 सितंबर 2014 से लागू है। सरकार ने कहा कि पेंशन फंड की वित्तीय स्थिरता और भविष्य में बनने वाली देनदारियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा व्यवस्था जारी रखी जा रही है।
EPS फंड को मजबूत बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार बजटीय सहायता भी देती है। योजना में नियोक्ता की ओर से 8.33 प्रतिशत और केंद्र सरकार की ओर से 1.16 प्रतिशत योगदान का प्रावधान है।
7,500 रुपये पेंशन की मांग क्यों हो रही है?
EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति सहित पेंशनर्स संगठनों की ओर से लंबे समय से न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग उठाई जा रही है। संगठनों का तर्क है कि मौजूदा 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन से रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन जीना मुश्किल है।
पेंशनधारकों के संगठन कई बार सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं और अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि 7,500 रुपये की न्यूनतम पेंशन उनके लिए सिर्फ मांग नहीं, बल्कि बुनियादी आर्थिक जरूरत है। हालांकि, सरकार पेंशन बढ़ाने के फैसले में EPS फंड की वित्तीय स्थिति और भविष्य की देनदारियों को महत्वपूर्ण आधार मान रही है।
85 लाख से ज्यादा पेंशनर्स ले रहे हैं लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में EPS-95 के तहत 85 लाख से अधिक पेंशनधारक हैं। 31 मार्च 2026 तक कुल 85,84,604 पेंशनर्स इस योजना के तहत मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे थे।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 तक EPS के तहत 15,819.28 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की गई। ऐसे में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का फैसला सरकार के लिए बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है।
पेंशन बढ़ोतरी पर फिलहाल कोई फैसला नहीं
लोकसभा में दिए गए सरकार के जवाब से साफ है कि EPS-95 के तहत 1,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन में फिलहाल बदलाव नहीं किया गया है। यानी 7,500 रुपये न्यूनतम पेंशन किए जाने की उम्मीद कर रहे पेंशनधारकों को अभी और इंतजार करना होगा। भविष्य में सरकार इस मुद्दे पर कोई निर्णय लेती है या नहीं, यह उसकी वित्तीय स्थिति और पेंशन योजना की दीर्घकालिक जरूरतों पर निर्भर करेगा।