Blue Aadhaar क्या है? बच्चों के लिए क्यों जरूरी है, जानिए पूरी जानकारी

Saroj kanwar
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Blue Aadhaar Card: आधार कार्ड आज के समय में सबसे जरूरी पहचान दस्तावेजों में शामिल है। बैंकिंग से लेकर स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट और सरकारी योजनाओं तक, कई जरूरी कामों में आधार की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी आधार कार्ड की सुविधा उपलब्ध है? इसे ब्लू आधार कार्ड या बाल आधार (Baal Aadhaar) कहा जाता है।

अगर आपके घर में छोटा बच्चा है, तो उसका आधार बनवाना भविष्य में कई जरूरी कामों को आसान कर सकता है। आइए जानते हैं ब्लू आधार कार्ड क्या है, इसमें कौन-सी जानकारी दर्ज होती है, इसे बनवाने की प्रक्रिया क्या है और बच्चे की उम्र बढ़ने पर इसमें क्या बदलाव करना पड़ता है।

क्या है ब्लू आधार कार्ड?

ब्लू आधार कार्ड खास तौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाया जाता है। यह सामान्य आधार कार्ड से अलग दिखाई देता है क्योंकि इसका रंग नीला होता है। इसमें बच्चे की पहचान से जुड़ी जरूरी जानकारी और फोटो दर्ज की जाती है।

छोटे बच्चों के बायोमेट्रिक डेटा में उम्र के साथ बदलाव होता रहता है। इसी वजह से 5 साल से कम उम्र में बच्चे की उंगलियों के निशान और आंखों की बायोमेट्रिक जानकारी सामान्य आधार की तरह दर्ज नहीं की जाती। बच्चे का आधार उसके माता-पिता या अभिभावक के आधार से भी जोड़ा जाता है।

ब्लू आधार कार्ड के क्या हैं फायदे?

बाल आधार बच्चों की पहचान से जुड़े कई कामों में उपयोगी हो सकता है। इसके प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:

  • स्कूल या शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन के दौरान पहचान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • पासपोर्ट से जुड़े आवेदन में यह उपयोगी हो सकता है।
  • बच्चों से संबंधित सरकारी योजनाओं में पहचान के तौर पर काम आ सकता है।
  • बैंकिंग से जुड़े कुछ जरूरी कामों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • बच्चे और उसके माता-पिता के बीच संबंध की पुष्टि करने में मदद मिलती है।
  • सरकारी रिकॉर्ड में बच्चे की पहचान दर्ज करने में सुविधा होती है।

बच्चे का ब्लू आधार कार्ड कैसे बनवाएं?

अगर आप अपने 5 साल से कम उम्र के बच्चे का आधार बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए नजदीकी Aadhaar Enrolment Centre पर जाना होगा। आवेदन के समय बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि से संबंधित वैध दस्तावेज और माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड साथ रखना जरूरी होता है।

केंद्र पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे की फोटो ली जाती है और जरूरी जानकारी दर्ज की जाती है। छोटे बच्चों के लिए इस उम्र में सामान्य बायोमेट्रिक जानकारी नहीं ली जाती।

ब्लू आधार बनवाने के लिए कितना शुल्क लगता है?

5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए आधार नामांकन की प्रक्रिया के दौरान सामान्य तौर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। आवेदन कराने से पहले अपने नजदीकी आधार केंद्र पर उपलब्ध सेवाओं और मौजूदा नियमों की पुष्टि करना उचित रहेगा।

कितने समय तक मान्य रहता है ब्लू आधार?

ब्लू आधार को बच्चे की शुरुआती उम्र के लिए जारी किया जाता है। बच्चे के 5 साल की उम्र पूरी करने के बाद आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराना होता है। इस अपडेट के दौरान बच्चे के फिंगरप्रिंट और आंखों की बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज की जाती है।

इसके बाद बच्चे का आधार आगे भी अपडेट होता रहता है। 15 साल की उम्र पूरी होने पर एक और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराया जाता है।

जरूरी बात

ब्लू आधार को सिर्फ एक अलग रंग का आधार कार्ड समझना सही नहीं है। यह छोटे बच्चों की उम्र और पहचान संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई आधार नामांकन व्यवस्था का हिस्सा है। इसलिए बच्चे की उम्र 5 साल होने के बाद निर्धारित समय पर आधार अपडेट कराना जरूरी है, ताकि रिकॉर्ड में उसकी नई बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज हो सके।

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