अच्छी सेहत के लिए संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी है। आमतौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना करीब 6 से 8 घंटे की uninterrupted नींद को महत्वपूर्ण माना जाता है। नींद पूरी न होने का असर केवल थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे ध्यान केंद्रित करने, काम करने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
अगर आपको अक्सर रात में नींद आने में परेशानी होती है या बार-बार आंख खुल जाती है, तो इसे केवल सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार लगातार बनी रहने वाली नींद की परेशानी किसी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ी हो सकती है।
किन बीमारियों में प्रभावित हो सकती है नींद?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अनिद्रा या नींद से जुड़े विकार कई तरह की बीमारियों के साथ देखे जा सकते हैं। लंबे समय तक रहने वाला दर्द, डायबिटीज, हृदय रोग, अस्थमा, कैंसर, गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD), अतिसक्रिय थायरॉयड, पार्किंसंस रोग और अल्जाइमर जैसी स्थितियां नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकती हैं।
इसलिए यदि काफी समय से आपकी नींद नियमित रूप से खराब हो रही है, तो इसके पीछे मौजूद कारण को समझना जरूरी है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच कराना मददगार हो सकता है।
डायबिटीज में क्यों टूटती है रात की नींद?
ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसके चलते बार-बार पेशाब लग सकती है और रात में नींद टूट सकती है। इसके अलावा ज्यादा प्यास, सिरदर्द और थकान जैसी परेशानियां भी आरामदायक नींद में बाधा डाल सकती हैं।
अगर रात में बार-बार पेशाब जाने के कारण आपकी नींद प्रभावित हो रही है और साथ ही ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या भी है, तो डॉक्टर से इस बारे में चर्चा करना उचित है।
हाई ब्लड प्रेशर और नींद का क्या संबंध है?
नींद की कमी और हाई ब्लड प्रेशर के बीच भी संबंध देखा गया है। लगातार खराब नींद शरीर पर अतिरिक्त तनाव डाल सकती है और समय के साथ ऐसी आदतों को बढ़ावा दे सकती है जो हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हों।
दूसरी ओर, हाई ब्लड प्रेशर या उससे जुड़ी परेशानियों के कारण सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ और सीने में असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो रात में नींद को प्रभावित कर सकती हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
कभी-कभार नींद खराब होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर नींद आने में लगातार परेशानी हो रही है, रात में बार-बार आंख खुलती है या सुबह उठने के बाद भी पर्याप्त आराम महसूस नहीं होता, तो इसे नजरअंदाज न करें।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर समस्या के संभावित कारणों का पता लगाना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार जरूरी जांच या उपचार की सलाह दे सकते हैं।
नोट: यह लेख स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। लगातार नींद की समस्या होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।
अस्वीकरण: लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। यह किसी बीमारी के निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति और उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।