खाना खाने के बाद कब टहलना है सही? जानिए कितना इंतजार और क्या हैं फायदे

Saroj kanwar
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खाना खाने के बाद अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि तुरंत टहलना चाहिए या कुछ देर आराम करना बेहतर है। खासकर डायबिटीज, मोटापे, पाचन संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों या वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। कुछ लोग भोजन खत्म होते ही वॉक शुरू कर देते हैं, जबकि कुछ लोग खाना खाने के बाद लंबे समय तक बैठे या लेटे रहते हैं।

आखिर इनमें से सही तरीका कौन सा है? इस बारे में नारायणा हॉस्पिटल के जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर मोहन कुमार सिंह से बातचीत के आधार पर समझते हैं कि खाना खाने के बाद कब और कितनी देर टहलना फायदेमंद हो सकता है।

खाना खाने के बाद वॉक करने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

भोजन करने के बाद शरीर पाचन की प्रक्रिया शुरू कर देता है। खाने से मिलने वाला ग्लूकोज धीरे-धीरे रक्त में पहुंचता है। इस दौरान हल्की शारीरिक गतिविधि करने से मांसपेशियां ग्लूकोज का इस्तेमाल ऊर्जा के लिए कर सकती हैं। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

इसी वजह से डायबिटीज वाले लोगों के लिए भोजन के बाद हल्की वॉक उपयोगी मानी जाती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि खाना खत्म करते ही तेज गति से चलना या कोई कठिन एक्सरसाइज शुरू कर दी जाए। ऐसा करने पर कुछ लोगों को पेट में भारीपन, गैस, ऐंठन या असहजता महसूस हो सकती है।

खाना खाने के कितनी देर बाद टहलें?

खाने के बाद वॉक के लिए बहुत लंबे समय तक इंतजार करना जरूरी नहीं है। आमतौर पर कुछ मिनटों की हल्की और आरामदायक चाल से शुरुआत की जा सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआत धीमी गति से हो और शरीर की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखा जाए।

अगर भोजन हल्का है, तो छोटी और आरामदायक वॉक करना ज्यादातर लोगों के लिए आसान रहता है। वहीं, अगर आपने बहुत ज्यादा या भारी भोजन किया है, तो तुरंत चलने के बजाय थोड़ी देर रुकना अधिक आरामदायक हो सकता है।

क्या खाने के बाद टहलने से पाचन बेहतर होता है?

हल्की वॉक शरीर को भोजन के बाद एक्टिव रखने में मदद कर सकती है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने की तुलना में थोड़ी देर चलना कई लोगों को बेहतर महसूस करा सकता है। इससे भोजन के बाद होने वाला भारीपन और सुस्ती भी कम महसूस हो सकती है।

हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को पहले से गैस, एसिडिटी या रिफ्लक्स जैसी समस्या है, तो उसे अपनी स्थिति के अनुसार गतिविधि तय करनी चाहिए। भोजन के तुरंत बाद तेज चलना या कठिन एक्सरसाइज करना असहजता बढ़ा सकता है।

इसलिए खाने के बाद की वॉक को वर्कआउट की तरह नहीं, बल्कि शरीर को हल्का एक्टिव रखने वाली गतिविधि के तौर पर देखना बेहतर है।

डायबिटीज में खाने के बाद वॉक क्यों फायदेमंद हो सकती है?

भोजन के बाद ब्लड शुगर का बढ़ना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन डायबिटीज वाले लोगों में शुगर का स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़ सकता है। भोजन के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि मांसपेशियों को ग्लूकोज के इस्तेमाल में मदद कर सकती है, जिससे पोस्ट-मीal ब्लड शुगर को मैनेज करना आसान हो सकता है।

हालांकि, जो लोग इंसुलिन या डायबिटीज की दवाएं लेते हैं, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। वॉक के दौरान कमजोरी, चक्कर, असामान्य पसीना या कंपकंपी जैसे लक्षण महसूस हों तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

वजन घटाने में कितनी मददगार है पोस्ट-मीal वॉक?

अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो भोजन के बाद थोड़ी देर चलना रोजाना की शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का सरल तरीका हो सकता है। इससे शरीर को लंबे समय तक निष्क्रिय रखने के बजाय कुछ अतिरिक्त गतिविधि मिलती है और कैलोरी खर्च करने में भी योगदान हो सकता है।

लेकिन केवल खाना खाने के बाद कुछ मिनट की वॉक को वजन घटाने का पूरा उपाय नहीं माना जा सकता। स्वस्थ तरीके से वजन मैनेज करने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और कुल कैलोरी सेवन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

इसलिए पोस्ट-मीal वॉक को वजन घटाने के अकेले फॉर्मूले के बजाय एक अच्छी दैनिक आदत के रूप में अपनाना ज्यादा सही है।

कितनी तेज चलना चाहिए?

खाने के बाद वॉक का उद्देश्य शरीर को हल्की गतिविधि देना है, न कि तुरंत कैलोरी बर्न करने के लिए तेज वर्कआउट करना। इसलिए आरामदायक गति से शुरुआत करना बेहतर है। अगर शरीर सहज महसूस करे तो गति को थोड़ा बढ़ाया जा सकता है।

अगर चलते समय पेट में दर्द, भारीपन, चक्कर या किसी अन्य तरह की परेशानी महसूस हो, तो वॉक रोककर आराम करना चाहिए।

निष्कर्ष

खाना खाने के बाद पूरी तरह निष्क्रिय रहने के बजाय थोड़ी देर हल्की वॉक करना कई लोगों के लिए फायदेमंद आदत हो सकती है। यह भोजन के बाद शरीर को एक्टिव रखने, ग्लूकोज के इस्तेमाल में मदद करने और सुस्ती कम करने में योगदान दे सकती है। हालांकि, वॉक की गति और समय व्यक्ति के भोजन, स्वास्थ्य और शरीर की प्रतिक्रिया के अनुसार तय होना चाहिए।

खासकर डायबिटीज, हृदय रोग या पाचन संबंधी समस्या वाले लोगों को नियमित पोस्ट-मीal वॉक या एक्सरसाइज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य किसी बीमारी का निदान या इलाज बताना नहीं है। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग हो सकती है। किसी भी नियमित एक्सरसाइज या वॉक रूटीन को शुरू करने से पहले, खासकर यदि कोई बीमारी या दवा चल रही हो, डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

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