क्या TTE आपके मोबाइल की जांच कर सकता है? ट्रेन में सफर से पहले जान लें रेलवे का नियम

Saroj kanwar
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Train Rules: ट्रेन में यात्रा के दौरान जब टिकट परीक्षक (TTE) टिकट जांचने आता है, तो ई-टिकट रखने वाले अधिकांश यात्री अपने मोबाइल फोन पर टिकट दिखाते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या TTE आपका मोबाइल हाथ में लेकर चेक कर सकता है? क्या उसे आपके फोन की फोटो, चैट या अन्य निजी जानकारी देखने का अधिकार है? आइए जानते हैं भारतीय रेलवे के नियम क्या कहते हैं।

TTE की जिम्मेदारी क्या होती है?

ट्रेन में TTE का मुख्य कार्य यात्रियों के टिकट की जांच करना, सीटों का आवंटन करना और बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना होता है। इसके अलावा वह यह सुनिश्चित करता है कि यात्रा रेलवे के नियमों के अनुसार हो। हालांकि, उसकी जिम्मेदारी केवल टिकट सत्यापित करने तक सीमित होती है, न कि यात्रियों की निजी जानकारी की जांच करने तक।

क्या TTE आपके मोबाइल की जांच कर सकता है?

अगर आपने ट्रेन का ई-टिकट मोबाइल पर बुक किया है, तो TTE केवल टिकट की वैधता की पुष्टि करने के लिए उसे देख सकता है। वह PNR नंबर, यात्रा की तारीख, ट्रेन की जानकारी और टिकट का स्टेटस जांच सकता है।

लेकिन रेलवे के नियमों के अनुसार TTE को आपके मोबाइल में मौजूद निजी फोटो, वीडियो, व्हाट्सऐप चैट, मैसेज या किसी अन्य पर्सनल डेटा को देखने का अधिकार नहीं है। आपकी जिम्मेदारी सिर्फ टिकट दिखाने की है, निजी जानकारी साझा करने की नहीं।

क्या TTE आपके हाथ से मोबाइल ले सकता है?

आमतौर पर यात्री अपने हाथ में फोन रखकर ही ई-टिकट दिखाते हैं और यही पर्याप्त होता है। यदि स्क्रीन पर टिकट स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा हो या कोई तकनीकी दिक्कत हो, तो TTE टिकट की जानकारी पूछ सकता है। लेकिन केवल टिकट जांच के नाम पर आपका फोन अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच करना नियमों के दायरे में नहीं आता।

बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर क्या कार्रवाई होती है?

अगर कोई यात्री बिना वैध टिकट के सफर करता हुआ पकड़ा जाता है, तो TTE उससे यात्रा का किराया और तय नियमों के अनुसार जुर्माना वसूल सकता है। यदि यात्री मौके पर भुगतान नहीं कर पाता, तो मामला रेलवे सुरक्षा बल (RPF) या संबंधित अधिकारियों को सौंपा जा सकता है। इसके बाद रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाती है।

क्या TTE मोबाइल या अन्य कीमती सामान जब्त कर सकता है?

रेलवे के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत TTE किसी यात्री का मोबाइल फोन, घड़ी, सोने की चेन या अन्य निजी सामान जब्त कर सके। यदि कोई अधिकारी ऐसा करने का प्रयास करता है, तो यात्री इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है।

रात में टिकट चेक करने का क्या नियम है?

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सामान्य तौर पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच टिकट जांच से बचा जाता है। हालांकि, यदि कोई यात्री बीच के स्टेशन से ट्रेन में चढ़ा हो या टिकट की जांच आवश्यक हो, तो TTE इस दौरान भी टिकट चेक कर सकता है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि रात में कभी टिकट नहीं देखा जाएगा।

TTE गलत व्यवहार करे तो कहां करें शिकायत?

यदि आपको लगता है कि किसी TTE ने अपने अधिकारों से बाहर जाकर व्यवहार किया है या नियमों का उल्लंघन किया है, तो आप तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल किया जा सकता है या RailMadad ऐप के जरिए शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत करते समय ट्रेन नंबर, कोच नंबर, घटना का समय और संबंधित जानकारी जरूर दर्ज करें, ताकि कार्रवाई में आसानी हो।

निष्कर्ष

ट्रेन में यात्रा के दौरान TTE को केवल आपके टिकट की जांच करने का अधिकार होता है। वह ई-टिकट की पुष्टि के लिए मोबाइल स्क्रीन पर टिकट देख सकता है, लेकिन आपके फोन की निजी फोटो, चैट, वीडियो या अन्य पर्सनल डेटा की जांच नहीं कर सकता। साथ ही, उसे आपका मोबाइल या अन्य निजी सामान जब्त करने का भी अधिकार नहीं है। यात्रियों को अपने अधिकारों और रेलवे के नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी गलत स्थिति में वे उचित कदम उठा सकें।

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