YouTube मोनेटाइजेशन के नियमों में बड़ा बदलाव, जानें नए नियम और असर

Saroj kanwar
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YouTube Creators के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। YouTube Partner Program (YPP) के तहत विज्ञापन और YouTube Premium से कमाई शुरू करने वाले नए क्रिएटर्स के लिए प्लेटफॉर्म ने अपनी पात्रता शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था 1 फरवरी 2027 से लागू होगी, जिससे छोटे और नए चैनलों के लिए मोनेटाइजेशन हासिल करना पहले के मुकाबले ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

नए YouTube Creators के लिए क्या बदलेगा?

नई गाइडलाइंस के अनुसार, 1 फरवरी 2027 से विज्ञापनों और YouTube Premium से कमाई करने के लिए नए क्रिएटर्स को नीचे दी गई दो में से किसी एक शर्त को पूरा करना होगा।

Long-form वीडियो के लिए: पिछले 365 दिनों में कम से कम 8,000 योग्य वॉच ऑवर्स पूरे करने होंगे। पहले यह सीमा 4,000 घंटे थी।

YouTube Shorts के लिए: पिछले 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य Shorts Views हासिल करने होंगे। पहले यह आवश्यकता 1 करोड़ व्यूज थी।

YouTube के मुताबिक, यह 2018 के बाद YouTube Partner Program में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। हालांकि, इसका असर केवल नए क्रिएटर्स पर पड़ेगा। जो चैनल पहले से YPP का हिस्सा हैं, उनकी मौजूदा एंट्री पात्रता इस बदलाव से प्रभावित नहीं होगी।

लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो क्या होगा?

अगर कोई नया क्रिएटर विज्ञापन से कमाई शुरू करने के लिए निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता, तो उसके पास कमाई के दूसरे विकल्प मौजूद रहेंगे।

Fan Funding और Shopping पर बदलाव नहीं: Super Chat, Super Thanks, Channel Membership और YouTube Shopping जैसी सुविधाओं के लिए मौजूदा पात्रता नियमों में बदलाव नहीं किया गया है।

पहले से Shorts से कमाई करने वालों के लिए: मौजूदा Shorts क्रिएटर्स को विज्ञापन रेवेन्यू शेयरिंग जारी रखने के लिए 90 दिनों में 1 करोड़ Shorts Views का लक्ष्य बनाए रखना होगा।

कम व्यूज होने पर चैनल YPP से बाहर नहीं होगा: यदि किसी मौजूदा क्रिएटर के Shorts Views 1 करोड़ से नीचे चले जाते हैं, तो उसका चैनल सीधे YPP से हटाया नहीं जाएगा। दोबारा जरूरी व्यूज हासिल होने पर Shorts Revenue Sharing फिर से शुरू हो जाएगा।

YouTube ने क्यों बढ़ाई Monetization की सीमा?

YouTube का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर कंटेंट और दर्शकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कंपनी के अनुसार, YouTube Shorts को हर दिन 200 अरब से ज्यादा बार देखा जा रहा है, जबकि टीवी स्क्रीन पर रोजाना 1 अरब घंटे से अधिक YouTube कंटेंट देखा जाता है।

वर्तमान में 30 लाख से ज्यादा एक्टिव क्रिएटर्स YouTube Partner Program का हिस्सा हैं। कंपनी का लक्ष्य ज्यादा सक्रिय और बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्रिएटर्स को अधिक प्रभावी तरीके से रिवॉर्ड करना है। YouTube का अनुमान है कि 2027 में क्रिएटर्स को 2026 की तुलना में अधिक भुगतान किया जाएगा।

विज्ञापन के अलावा कमाई के नए रास्ते

YouTube क्रिएटर्स को केवल विज्ञापन आय पर निर्भर रहने के बजाय कमाई के अन्य माध्यमों का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसके तहत कुछ नए इंसेंटिव और अवसर सामने आए हैं।

Shopping Bonus: YouTube Shopping के जरिए प्रोडक्ट बेचने वाले क्रिएटर्स को अतिरिक्त बोनस मिलने की व्यवस्था की जा रही है।

Brand Deals और Trends Incentives: ब्रांड के साथ सहयोग करने और नए ट्रेंड शुरू करने वाले क्रिएटर्स के लिए अतिरिक्त कमाई के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

Premium Lite: YouTube Premium Lite को सभी देशों में विस्तार देने की योजना है। इसके नेट सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू का 60% क्रिएटर्स के पूल में जाएगा। इस पूल में लॉन्ग-फॉर्म वीडियो क्रिएटर्स को 55% और Shorts क्रिएटर्स को 45% हिस्सा मिलेगा।

छोटे YouTube Creators में बढ़ी चिंता

YouTube के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई क्रिएटर्स ने चिंता जताई है। छोटे क्रिएटर्स का मानना है कि नए नियमों के कारण नए चैनलों के लिए YouTube से कमाई शुरू करना कठिन हो सकता है।

खासकर बिना शुरुआती आय के 8,000 घंटे का वॉच टाइम हासिल करना नए क्रिएटर्स के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। ऐसे में आने वाले समय में नए चैनलों को दर्शक बढ़ाने, नियमित कंटेंट बनाने और विज्ञापन के अलावा कमाई के दूसरे विकल्पों पर भी ध्यान देना पड़ सकता है।

निष्कर्ष: YouTube के प्रस्तावित नए नियम नए क्रिएटर्स के लिए Monetization की राह को पहले से कठिन बना सकते हैं। हालांकि, Fan Funding, Shopping और अन्य कमाई के विकल्पों में बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए छोटे क्रिएटर्स के पास आय बढ़ाने के दूसरे रास्ते अभी भी मौजूद रहेंगे।

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