बच्चे के जन्म पर सरकार दे रही ₹5,000 से ₹6,000 तक की मदद, जानें कैसे मिलेगा लाभ

Saroj kanwar
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बच्चे के जन्म के साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। गर्भावस्था के दौरान महिला को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, पौष्टिक आहार और पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें कई कल्याणकारी योजनाएं चलाती हैं। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और जननी सुरक्षा योजना (JSY) प्रमुख हैं।

इन योजनाओं के जरिए पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता दी जाती है। PMMVY के तहत पहले बच्चे के लिए ₹5,000 और पात्र स्थिति में दूसरे बच्चे के रूप में बेटी होने पर ₹6,000 तक की सहायता मिल सकती है। वहीं, JSY के तहत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए पात्र महिलाओं को नकद सहायता दी जाती है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्या है?

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसका मकसद गर्भावस्था और प्रसव से जुड़े खर्चों में मदद करना, मां के स्वास्थ्य का ध्यान रखना और बच्चे के जरूरी टीकाकरण को प्रोत्साहित करना है।

पहले बच्चे के लिए ₹5,000 की सहायता

PMMVY के तहत पात्र महिला को पहले बच्चे के जन्म पर कुल ₹5,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि निर्धारित शर्तें पूरी करने पर किस्तों में मिलती है। इसमें पहली किस्त के रूप में ₹3,000 और दूसरी किस्त के तौर पर ₹2,000 दिए जाते हैं।

लाभ पाने के लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, प्रसव और बच्चे के जन्म के बाद निर्धारित टीकाकरण जैसी जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है।

दूसरे बच्चे पर बेटी होने पर ₹6,000

योजना के तहत दूसरे बच्चे के रूप में बेटी होने पर पात्र महिला को ₹6,000 की सहायता मिल सकती है। इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, जरूरी प्रसवपूर्व जांच, बच्चे का जन्म पंजीकरण और निर्धारित टीकाकरण जैसी शर्तें पूरी करना जरूरी है।

जननी सुरक्षा योजना क्या है?

जननी सुरक्षा योजना (JSY) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पात्रता और राज्य की श्रेणी के आधार पर सहायता राशि अलग हो सकती है। दी गई जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र महिला को ₹1,400 और शहरी क्षेत्र में ₹1,000 की सहायता मिलती है।

PMMVY का लाभ किन महिलाओं को मिल सकता है?

PMMVY का लाभ सभी महिलाओं को स्वतः नहीं मिलता। इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। आधिकारिक पात्रता मानदंडों के अनुसार, योजना में अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित महिलाएं, BPL राशन कार्ड धारक, PM-JAY लाभार्थी, MGNREGA कार्ड धारक और e-Shram कार्ड धारक जैसी श्रेणियां शामिल हो सकती हैं।

इसके अलावा किसान सम्मान निधि की महिला लाभार्थी भी निर्धारित शर्तों के तहत योजना का लाभ ले सकती हैं। परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होना भी पात्रता की शर्तों में शामिल है।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

PMMVY के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें आम तौर पर शामिल हैं:

  • महिला का आधार कार्ड
  • बैंक या डाकघर खाते की जानकारी
  • मोबाइल नंबर
  • मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड
  • गर्भावस्था और ANC जांच से संबंधित जानकारी
  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
  • टीकाकरण से संबंधित रिकॉर्ड
  • पात्रता के अनुसार BPL राशन कार्ड, e-Shram कार्ड या MGNREGA कार्ड आदि

PMMVY के लिए आवेदन कैसे करें?

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। पात्र महिला अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकती है। वहां आवेदन प्रक्रिया में सहायता मिल सकती है।

इसके अलावा, सरकार ने सेल्फ-रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से पात्र लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित आर्थिक सहायता DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है।

UMANG ऐप से भी कर सकते हैं आवेदन

पात्र महिलाएं UMANG ऐप के माध्यम से भी PMMVY के लिए पंजीकरण कर सकती हैं। मोबाइल से आवेदन करने की सुविधा के कारण लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो गई है। ऑनलाइन आवेदन में किसी तरह की परेशानी होने पर नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मदद ली जा सकती है।

खाते में कब आएगी योजना की राशि?

PMMVY की आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। इसलिए आवेदन के दौरान सही बैंक खाते की जानकारी देना जरूरी है।

पहले बच्चे के लिए पात्रता की शर्तें पूरी होने पर ₹3,000 और ₹2,000 की दो किस्तों में कुल ₹5,000 मिलते हैं। वहीं, दूसरे बच्चे के रूप में बेटी होने पर निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली महिला को ₹6,000 की सहायता मिल सकती है।

मां और बच्चे की देखभाल पर सरकार का जोर

गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म के बाद तक मां और शिशु की उचित देखभाल बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से PMMVY और JSY जैसी योजनाओं के जरिए पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता और संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है।

हालांकि, लाभ की राशि और पात्रता संबंधित सरकारी नियमों व शर्तों के अधीन होती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक जानकारी या नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से पात्रता की पुष्टि करना उचित है।

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