उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बढ़ती महंगाई के दबाव के बीच योगी सरकार ने कर्मचारियों को तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राज्य कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है।
वित्त विभाग ने जारी किया आधिकारिक आदेश
इस बढ़ोतरी को लेकर अपर मुख्य सचिव (ACS) वित्त दीपक कुमार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश लागू होने के बाद अब सभी पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित दर से महंगाई भत्ता मिलेगा।
करीब 16 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश के लगभग 16 लाख सरकारी कर्मचारी, अधिकारी और बड़ी संख्या में पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा। हालांकि इससे राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मिलने जा रही है।
सैलरी में कितना बढ़ेगा पैसा? समझें आसान गणना
महंगाई भत्ता कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर तय किया जाता है। ऐसे में बढ़ोतरी का असर सीधे मासिक आय पर दिखाई देगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹35,000 है:
- 58% डीए के अनुसार उसे ₹20,300 मिलते थे
- अब 60% डीए के हिसाब से यह राशि बढ़कर ₹21,000 हो जाएगी
इस तरह हर महीने करीब ₹700 की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही जनवरी से अप्रैल तक का एरियर भी एकमुश्त मिलने की संभावना है।
वहीं, जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹1 लाख या उससे अधिक है, उनकी मासिक आय में लगभग ₹2,000 से ₹5,000 तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला
महंगाई के मौजूदा दौर में यह बढ़ोतरी राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत लेकर आई है। इस निर्णय से उनकी मासिक आय में सुधार होगा और घरेलू बजट को भी मजबूती मिलेगी।