गर्मी के मौसम में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए लगातार पसीना छोड़ता है। इस प्रक्रिया में शरीर से पानी के साथ-साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी तेजी से कम होने लगते हैं। फरीदाबाद स्थित एशियन हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी एसोसिएट डायरेक्टर और यूनिट हेड डॉ. एल.के. झा के अनुसार, अगर इस दौरान पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं लिए जाएं तो डिहाइड्रेशन की स्थिति बन सकती है। इसका असर सीधे दिल और रक्त संचार प्रणाली पर पड़ता है।
गर्मी में क्यों बढ़ जाती हैं हार्ट से जुड़ी समस्याएं?
जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो खून गाढ़ा होने लगता है। ऐसे में दिल को शरीर में रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह स्थिति हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती है, खासकर उन लोगों में जो पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से पीड़ित हैं।
पानी की कमी से ब्लड वॉल्यूम भी घटने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर गिर सकता है। शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को तेज़ी से काम करना पड़ता है। इसी वजह से कई लोगों को घबराहट, कमजोरी, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
तेज गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोग, भारी शारीरिक काम करने वाले, खाली पेट रहने वाले या लगातार धूप में काम करने वाले लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है।
इसके अलावा कुछ समूह ऐसे हैं जो गर्मी और डिहाइड्रेशन से होने वाले हार्ट स्ट्रेस के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं, जैसे—
- बुजुर्ग
- हार्ट पेशेंट
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
- डायबिटीज से पीड़ित लोग
- खुले में काम करने वाले मजदूर
- ज्यादा पसीना आने वाले व्यक्ति
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें?
अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय संबंधी समस्या है और अचानक कमजोरी या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
इसके अलावा निम्न लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
- दिल की धड़कन का तेज होना
- चक्कर आना
- सीने में भारीपन या बेचैनी
- सांस फूलना
- अत्यधिक कमजोरी
- लो ब्लड प्रेशर
- बेहोशी जैसा महसूस होना
गर्मी में कैसे रखें दिल का ध्यान?
गर्मी के दिनों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और समय-समय पर ओआरएस, नारियल पानी या नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, हीटवेव के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की सही मात्रा बनाए रखना सिर्फ सामान्य सलाह नहीं बल्कि दिल को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
इसके साथ ही इन सावधानियों का पालन करें:
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- भारी शारीरिक मेहनत कम करें
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें
- खाली पेट घर से बाहर न जाएं
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या, इलाज या डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।