किडनी यानी गुर्दे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं, जो खून को फिल्टर करके शरीर से विषैले पदार्थ और अतिरिक्त तरल बाहर निकालने का काम करते हैं। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती, तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है, जो अक्सर सुबह के समय ज्यादा स्पष्ट दिखाई देते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रात में आराम के दौरान शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन प्रभावित हो सकता है और किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर ये बदलाव उभरकर सामने आते हैं।
चेहरे और आंखों के आसपास सूजन
किडनी खराब होने का एक आम संकेत चेहरे पर सूजन आना है, खासकर सुबह उठने पर आंखों के आसपास फुलाव दिखना। जब किडनी शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी बाहर नहीं निकाल पाती, तो ये तरल पदार्थ शरीर के टिश्यू में जमा होने लगते हैं। इस स्थिति को एडिमा कहा जाता है। रातभर लेटे रहने के कारण यह तरल चेहरे पर जमा हो जाता है, जिससे सुबह सूजन नजर आती है।
सुबह उठते ही जी मिचलाना
अगर किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हो तो शरीर में टॉक्सिन्स, खासकर यूरिया, का स्तर बढ़ सकता है। इस स्थिति को यूरीमिया कहा जाता है। यह टॉक्सिन्स पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे सुबह के समय खाली पेट जी मिचलाना, उल्टी जैसा महसूस होना या बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पेशाब में बदलाव पर ध्यान दें
सुबह पहली बार पेशाब करते समय होने वाले बदलाव किडनी की स्थिति के बारे में अहम संकेत दे सकते हैं। अगर पेशाब में ज्यादा झाग दिखाई दे, तो यह प्रोटीन लीक होने का संकेत हो सकता है, जो किडनी डैमेज की ओर इशारा करता है। इसके अलावा पेशाब का रंग गहरा पीला या कोल्ड ड्रिंक जैसा होना भी समस्या का संकेत हो सकता है। पेशाब में खून दिखना गंभीर स्थिति को दर्शाता है और तुरंत जांच की जरूरत होती है।
कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द
किडनी से जुड़ी समस्याओं जैसे इंफेक्शन या किडनी स्टोन के कारण पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। कई मामलों में यह दर्द सुबह उठने के बाद ज्यादा महसूस होता है और इसके साथ शरीर में जकड़न भी हो सकती है।
जरूरी सावधानी
यह समझना जरूरी है कि इनमें से कोई एक लक्षण दिखने का मतलब यह नहीं कि किडनी खराब हो गई है। लेकिन अगर इनमें से दो या अधिक लक्षण लगातार नजर आएं, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।