दुबई और हांगकांग जैसे देशों में सोना भारत के मुकाबले अक्सर सस्ता मिलता है। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां कम इंपोर्ट ड्यूटी, कम टैक्स और प्रतिस्पर्धी गोल्ड मार्केट है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में भारतीय यात्री विदेश यात्रा के दौरान सोने के गहने खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि, भारत लौटते समय सोना लाने के लिए सीमा शुल्क (Customs) के नियमों का पालन करना जरूरी होता है। अगर तय सीमा से ज्यादा सोना लाया जाता है तो कस्टम ड्यूटी देनी पड़ सकती है।
क्यों सस्ता मिलता है दुबई और हांगकांग में सोना?
दुबई और हांगकांग को दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड ट्रेडिंग हब में गिना जाता है। यहां सोने पर टैक्स का बोझ कम होने और बाजार में प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण गहनों की कीमतें भारत की तुलना में कम रहती हैं। यही वजह है कि पर्यटक इन देशों से सोना खरीदने में रुचि दिखाते हैं।
भारत में बिना कस्टम ड्यूटी कितना सोना ला सकते हैं?
भारत सरकार के सीमा शुल्क नियमों के अनुसार विदेश से लौटने वाले यात्री सीमित मात्रा में सोने के आभूषण बिना कस्टम ड्यूटी के ला सकते हैं।
- महिला यात्री: अधिकतम 40 ग्राम सोने के आभूषण, जिसकी कुल कीमत 1 लाख रुपये तक हो।
- पुरुष यात्री: अधिकतम 20 ग्राम सोने के आभूषण, जिसकी कुल कीमत 50 हजार रुपये तक हो।
यह छूट केवल निर्धारित सीमा के भीतर रहने पर ही लागू होती है।
बच्चों के लिए क्या हैं नियम?
जो बच्चे लगातार एक वर्ष या उससे अधिक समय तक विदेश में रह चुके हैं, वे भी कुछ शर्तों के साथ 40 ग्राम तक सोने के आभूषण शुल्क-मुक्त ला सकते हैं। इसके लिए पात्रता और संबंध से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।
किन सोने की वस्तुओं पर नहीं मिलती छूट?
ध्यान रहे कि शुल्क-मुक्त सुविधा केवल पहनने योग्य सोने के आभूषण पर लागू होती है। यदि आप सोने के सिक्के, गोल्ड बार, बिस्कुट या सिल्लियां लेकर आते हैं, तो उन पर पहले ग्राम से ही लागू कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
तय सीमा से ज्यादा सोना लाने पर क्या होगा?
अगर कोई यात्री निर्धारित सीमा से अधिक सोना लाना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन इसके लिए भारतीय कस्टम नियमों का पालन करना होगा।
- यात्री निर्धारित नियमों के तहत 1 किलोग्राम तक सोना साथ ला सकते हैं।
- अतिरिक्त सोने की जानकारी एयरपोर्ट पर रेड चैनल के जरिए घोषित करनी होगी।
- कस्टम विभाग द्वारा तय सीमा शुल्क का भुगतान करने के बाद ही सोना भारत में लाने की अनुमति मिलेगी।
खरीद के सभी दस्तावेज रखें साथ
यदि आप विदेश से सोना खरीदकर भारत ला रहे हैं, तो खरीद की रसीद (Invoice) और शुद्धता प्रमाणपत्र (Purity Certificate) अपने पास जरूर रखें। कस्टम अधिकारी सोने की कीमत और उसकी शुद्धता की जांच के लिए ये दस्तावेज मांग सकते हैं। दस्तावेज पूरे होने पर कस्टम प्रक्रिया आसान हो जाती है।
निष्कर्ष
दुबई और हांगकांग में सोना खरीदना किफायती हो सकता है, लेकिन भारत लौटते समय कस्टम नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। तय सीमा के भीतर सोना लाने पर ड्यूटी नहीं देनी पड़ती, जबकि अधिक मात्रा में सोना लाने पर घोषणा करना और निर्धारित सीमा शुल्क चुकाना अनिवार्य होता है। नियमों का पालन करके आप बिना किसी परेशानी के अपना सोना भारत ला सकते हैं।