अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, रोज़ नए खुलासे सामने आ रहे हैं। एसआईटी की छठे दिन की जांच में यह मामला और भी गहराता नजर आया है, जिसमें अब अयोध्या के एक पॉश इलाके में स्थित एक मकान जांच के केंद्र में आ गया है। आरोप है कि चढ़ावे से जुड़े पैसों के लेन-देन और कथित बंदरबांट की पूरी गतिविधि इसी घर के भीतर अंजाम दी जाती थी।
जानकारी के अनुसार, यह आलीशान मकान आरोपी रवि मिश्रा का है, जिसे हाल ही में लगभग ₹70 लाख में खरीदा गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि रवि मिश्रा ने पहले राम मंदिर ट्रस्ट में नौकरी हासिल की थी। इसके बाद उसने अपने बेटे अनुकल्प मिश्रा को भी चढ़ावे की गणना के कार्य से जोड़ दिया। आगे चलकर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों के साथ कथित साठगांठ कर अपने दामाद लवकुश मिश्रा की भी भर्ती करवाई गई। आरोप है कि ये तीनों मिलकर इसी मकान में बैठकर धन के बंटवारे की योजना बनाते थे।
एसआईटी जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। कई स्थानों से कथित रूप से चोरी की गई राशि की बरामदगी भी हुई है। हालांकि, जांच अभी पूरी नहीं हुई है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जांच टीम जल्द ही अयोध्या से वापस लौट सकती है और 15 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की तैयारी में है। शुरुआती चरण की रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जा सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की गहनता से जांच जारी है।