SCSS: माता-पिता के लिए हर महीने ₹20,500 तक पेंशन का मौका, जानें सरकारी स्कीम

Saroj kanwar
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रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चिंता नियमित आय की होती है। ऐसे में यदि आप अपने माता-पिता की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो सरकार की सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित निवेश के साथ तय ब्याज और नियमित आय का लाभ देती है। सही निवेश के जरिए इस स्कीम से हर महीने करीब ₹20,500 तक की आय प्राप्त की जा सकती है।

क्या है सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)?

सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम भारत सरकार द्वारा संचालित एक सुरक्षित बचत योजना है, जिसे विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए तैयार किया गया है। इस योजना का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आय उपलब्ध कराना है। चूंकि इसमें सरकार की गारंटी होती है, इसलिए यह कम जोखिम वाले निवेश विकल्पों में शामिल है।

SCSS पर कितना मिलता है ब्याज?

फिलहाल इस सरकारी योजना पर 8.2% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। सरकार हर तिमाही ब्याज दरों की समीक्षा करती है, हालांकि पिछले कई समय से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में ब्याज दर की अगली समीक्षा होने की संभावना है।

इस योजना की अवधि 5 वर्ष होती है, जिसे मैच्योरिटी के बाद नियमों के अनुसार 3 वर्ष के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।

हर तीन महीने में मिलता है ब्याज

SCSS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ब्याज का भुगतान हर तिमाही किया जाता है। इससे रिटायर लोगों को नियमित अंतराल पर आय मिलती रहती है, जिससे दैनिक खर्चों का प्रबंधन आसान हो जाता है।

इस योजना में एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश कर सकता है।

₹20,500 प्रति माह की आय कैसे मिलेगी?

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक SCSS में ₹30 लाख का निवेश करता है और ब्याज दर 8.2% रहती है, तो उसे एक वर्ष में लगभग ₹2.46 लाख ब्याज मिलेगा।

  • सालाना ब्याज: ₹2,46,000
  • हर तिमाही मिलने वाला ब्याज: ₹61,500
  • औसतन मासिक आय: करीब ₹20,500

वहीं, यदि कोई व्यक्ति ₹15 लाख का निवेश करता है, तो उसे सालाना लगभग ₹1.23 लाख ब्याज मिलेगा। यानी हर तीन महीने में ₹30,750 का भुगतान होगा।

टैक्स लाभ भी मिलता है

सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है। हालांकि यह छूट केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत उपलब्ध सीमा के अनुसार मिलेगी।

ध्यान रखें कि इस योजना से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता। निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार ब्याज पर टैक्स देय हो सकता है।

क्यों चुनें SCSS?

यदि आप अपने माता-पिता के लिए सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आय का इंतजाम करना चाहते हैं, तो सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम एक मजबूत विकल्प है। सरकारी गारंटी, आकर्षक ब्याज दर, तिमाही भुगतान और टैक्स लाभ जैसी सुविधाएं इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में शामिल करती हैं।

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