LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ने के संकेत! जल्द 18 रुपये तक महंगा हो सकता है गैस सिलेंडर

Saroj kanwar
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अगर आप एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले समय में आपकी रसोई का बजट थोड़ा बढ़ सकता है। दरअसल, केंद्र सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक बड़े रणनीतिक फ्यूल रिजर्व (Strategic Fuel Reserve) की योजना पर काम कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत पहली बार कच्चे तेल (Crude Oil) के साथ-साथ एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) का भी रणनीतिक भंडारण किया जाएगा।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 42 अरब डॉलर (करीब ₹3.5 लाख करोड़) खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से सरकार एलपीजी और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सेस लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है। हालांकि, फिलहाल इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

घरेलू LPG सिलेंडर पर बढ़ सकता है करीब ₹18 का अतिरिक्त बोझ

रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी पर 1.29 रुपये प्रति किलोग्राम सेस लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत करीब ₹18 तक बढ़ सकती है।

इसके अलावा, प्राकृतिक गैस पर 1.43 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) सेस लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

क्यों तैयार किया जा रहा है यह बड़ा फ्यूल रिजर्व?

हाल के वर्षों में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने भारत की ऊर्जा आयात पर निर्भरता को उजागर किया है। देश अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है।

इसी जोखिम को कम करने के लिए सरकार ऐसा मल्टी-फ्यूल स्ट्रैटजिक रिजर्व तैयार करना चाहती है, जिससे किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट या आपूर्ति बाधा की स्थिति में देश के पास पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रहे।

प्रस्तावित योजना के तहत भारत के पास लगभग:

  • करीब दो महीने की कच्चे तेल और LNG की जरूरत का भंडार होगा।
  • लगभग छह सप्ताह की LPG खपत का स्टॉक सुरक्षित रखा जाएगा।

₹3.5 लाख करोड़ की परियोजना पर अगले 10 वर्षों में होगा निवेश

सूत्रों के अनुसार, इस रणनीतिक फ्यूल रिजर्व को विकसित करने में अगले 10 वर्षों के दौरान करीब 42 अरब डॉलर (₹3.5 लाख करोड़) का निवेश किया जाएगा।

इस राशि का बड़ा हिस्सा नए स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में खर्च होगा, जबकि शेष रकम ईंधन के भंडारण पर लगाई जाएगी।

सरकार का अनुमान है कि अगले दशक में देश को अतिरिक्त:

  • 2.8 करोड़ टन कच्चे तेल
  • 90 लाख टन LNG
  • 40 लाख टन LPG

की स्टोरेज क्षमता विकसित करनी होगी।

सेस से हर साल जुटाए जा सकते हैं 1.5 अरब डॉलर

प्रस्तावित सेस लागू होने पर सरकार को हर वर्ष करीब 1.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।

इसमें:

  • एलपीजी से लगभग 46 करोड़ डॉलर
  • प्राकृतिक गैस से करीब 1 अरब डॉलर

की आय हो सकती है। इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से एलपीजी और एलएनजी स्टोरेज सुविधाओं के विकास में किया जाएगा, जबकि कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार का खर्च केंद्र सरकार अलग से वहन करेगी।

क्या बढ़ जाएगा आपका मासिक गैस खर्च?

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के मासिक गैस खर्च में लगभग 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, यह अभी केवल एक प्रस्ताव है और इस पर विभिन्न मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श जारी है।

फिलहाल इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलने के बाद ही यह तय होगा कि सेस कब और किस तरीके से लागू किया जाएगा।

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