Google Pay, PhonePe, Paytm Alert: आज के समय में सब्जी खरीदने से लेकर किराना, मॉल, सोने की खरीदारी और ऑनलाइन शॉपिंग तक लगभग हर भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल किया जा रहा है। Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स ने डिजिटल भुगतान को बेहद आसान बना दिया है। इसी बीच UPI से जुड़े नियमों में संभावित बदलाव की खबर सामने आई है, जो बड़े व्यापारियों को प्रभावित कर सकती है।
बड़े कारोबारियों पर लग सकता है अतिरिक्त शुल्क
केंद्र सरकार डिजिटल भुगतान व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रही है। संसद में पेमेंट कानून में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश किए जाने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि भविष्य में कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू किया जा सकता है।
हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यह शुल्क आम ग्राहकों से नहीं बल्कि व्यापारियों से लिया जा सकता है। यानी ग्राहक पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के UPI से भुगतान कर सकेंगे।
किन व्यापारियों को देना पड़ सकता है MDR?
मौजूदा जानकारी के अनुसार, MDR केवल उन व्यापारियों पर लागू किया जा सकता है जिनका सालाना कारोबार एक निश्चित सीमा से अधिक है। प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि छोटे दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को इस शुल्क से बाहर रखा जाए, जबकि बड़े व्यापारियों को निर्धारित नियमों के तहत MDR देना पड़ सकता है।
कितना हो सकता है शुल्क?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, एक प्रस्ताव में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर उन व्यापारियों से 0.3% से 0.5% तक MDR वसूले जाने की बात कही गई है, जिनका वार्षिक कारोबार ₹1.5 करोड़ से अधिक है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन संख्या के हिसाब से कम होते हैं, लेकिन कुल लेनदेन मूल्य में उनकी हिस्सेदारी काफी बड़ी होती है। ऐसे में इस वर्ग पर शुल्क लगाने से भुगतान प्रणाली को आर्थिक सहयोग मिल सकता है।
संसद में पेश हुआ संशोधन विधेयक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Payment and Settlement Systems Act में संशोधन के लिए संसद में विधेयक पेश किया है। उद्योग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यह संशोधन भविष्य में डिजिटल भुगतान पर MDR लागू करने के लिए कानूनी आधार तैयार कर सकता है।
हालांकि, अभी तक सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि शुल्क कब से लागू होगा, इसकी अंतिम दर क्या होगी और किन-किन लेनदेन पर इसे लागू किया जाएगा। इस विषय पर वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
UPI पर शुल्क लगाने की चर्चा क्यों हो रही है?
डिजिटल पेमेंट उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल UPI लेनदेन पर कोई MDR नहीं लिया जाता। ऐसे में भुगतान सेवा देने वाली कंपनियों को सीधे तौर पर कोई आय नहीं होती, जिससे नई तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी वजह से बड़े व्यापारियों पर सीमित MDR लागू करने का सुझाव दिया जा रहा है।
क्या होता है MDR?
Merchant Discount Rate (MDR) वह शुल्क है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। वर्तमान में क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर लगभग 1.5% तक MDR लगता है, जबकि डेबिट कार्ड पर यह 0.9% तक हो सकता है। फिलहाल UPI भुगतान पर किसी भी प्रकार का MDR लागू नहीं है।
महत्वपूर्ण: अभी MDR लागू करने को लेकर केवल प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है। सरकार ने इसकी अंतिम दर, लागू होने की तारीख या नियमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।