Gold Silver Price Today: मजबूत अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों के चलते मंगलवार (23 जून) को घरेलू व वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी दोनों दबाव में नजर आए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
सुबह 10:11 बजे MCX पर जुलाई डिलीवरी वाला सोना वायदा 1,343 रुपये यानी 0.91% टूटकर 1,46,775 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 6,075 रुपये यानी 2.59% की गिरावट के साथ 2,28,235 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
वैश्विक बाजार में क्यों टूटा सोना?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग कमजोर हुई है। इसके अलावा महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं और अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी ने भी निवेशकों का रुख बदला है।
स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 1.2% फिसलकर लगभग 4,140 डॉलर प्रति औंस तक आ गई। इसी दौरान अमेरिकी डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.08 के स्तर पर पहुंच गया, जो लगभग एक साल का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। डॉलर मजबूत होने से अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सोना और चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है।
फेड अधिकारियों के बयान से बढ़ा दबाव
फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ शिकागो के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने हाल ही में महंगाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे मौजूद कारण अस्थायी हैं या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार महंगाई अभी भी लक्ष्य स्तर से काफी ऊपर बनी हुई है।
बाजार में यह धारणा भी मजबूत हुई है कि नए फेड चेयर केविन वार्श अपेक्षाकृत सख्त मौद्रिक नीति अपना सकते हैं। इससे ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ी है, जो सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती है।
डॉलर की मजबूती और तेल की ऊंची कीमतों का असर
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, फेड की पिछली बैठक के बाद अमेरिकी डॉलर में 1% से अधिक की मजबूती आई है। वहीं कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा रही हैं, जिससे फेड पर सख्त रुख बनाए रखने का दबाव बना हुआ है।
फरवरी के अंत में शुरू हुए युद्ध के बाद से सोना करीब 20% और चांदी 30% से ज्यादा कमजोर हो चुकी है।
ब्याज दरों को लेकर क्या सोच रहा है बाजार?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक CME FedWatch Tool के आंकड़े बताते हैं कि ट्रेडर्स अब दिसंबर तक अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना 88% मान रहे हैं। पिछले सप्ताह फेड की बैठक से पहले यह संभावना केवल 61% आंकी जा रही थी।
अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा पर है, जिसे फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक माना जाता है। यह आंकड़ा आगे की ब्याज दर नीति का संकेत दे सकता है।
अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति
स्विट्जरलैंड में हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों पक्षों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है।
बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए दोनों देश एक “डी-कॉन्फ्लिक्टेशन सेल” बनाने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री पर लगी कुछ पाबंदियों में भी राहत दी है, जिससे बाजार में सकारात्मक संकेत मिले हैं।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का मानना है कि सोने में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है।
उनके अनुसार MCX गोल्ड में 1,47,400 रुपये और 1,46,600 रुपये के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए 1,45,850 रुपये का स्टॉप लॉस रखा जा सकता है, जबकि लक्ष्य 1,48,500 रुपये और 1,49,100 रुपये हो सकते हैं।
प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
अंतरराष्ट्रीय बाजार (Gold):
- सपोर्ट: 4,164 डॉलर और 4,135 डॉलर प्रति औंस
- रेजिस्टेंस: 4,238 डॉलर और 4,274 डॉलर प्रति औंस
अंतरराष्ट्रीय बाजार (Silver):
- सपोर्ट: 63.55 डॉलर और 62.40 डॉलर प्रति औंस
- रेजिस्टेंस: 67.10 डॉलर और 68.50 डॉलर प्रति औंस
MCX गोल्ड:
- सपोर्ट: ₹1,47,400 और ₹1,46,650
- रेजिस्टेंस: ₹1,49,000 और ₹1,49,850
MCX सिल्वर:
- सपोर्ट: ₹2,31,400 और ₹2,28,800
- रेजिस्टेंस: ₹2,37,700 और ₹2,40,400
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेड की ब्याज दर नीति और अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति सोना-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।