Gold Silver Price Crash: जून में सोना-चांदी हुए सस्ते, खरीदारी का सुनहरा मौका या अभी करें इंतजार?

Saroj kanwar
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Gold, silver and platinum ingots or bars stacked over reflective silver colored background - precious metal or money investment concept, 3D illustration

Gold Silver Buying Tips: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। जून 2026 में कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव कम होने और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों से कुछ हद तक कम हुआ है, जिसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में सोने और चांदी के भाव में आई यह नरमी नए निवेशकों के लिए बेहतरीन अवसर बन सकती है।

जून में कितनी घटी सोना-चांदी की कीमत?

पिछले एक महीने के दौरान दोनों कीमती धातुओं में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई है।

सोना (Gold)

1 जून 2026 को सोने का भाव लगभग ₹1,54,908 प्रति 10 ग्राम था। वहीं 21 जून तक इसकी कीमत करीब ₹1,46,230 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। यानी सोने में लगभग ₹10,070 या 5.60% की गिरावट दर्ज की गई है।

चांदी (Silver)

चांदी में गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली। महीने की शुरुआत में चांदी का भाव करीब ₹2,63,458 प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर लगभग ₹2,33,010 प्रति किलोग्राम रह गया है। इस दौरान चांदी में करीब ₹30,448 या 11.56% की कमजोरी आई है।

गिरावट पर क्या है बाजार विशेषज्ञों की राय?

मास्टर कैपिटल के विशेषज्ञ पुनीत सिंघानिया का कहना है कि जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर सोना या चांदी खरीदी है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में आई तेज तेजी के बाद इस तरह का करेक्शन सामान्य माना जाता है। उनका मानना है कि सोने का दीर्घकालिक सकारात्मक ट्रेंड अभी भी कायम है।

वहीं, क्वांटम AMC के चिराग मेहता के अनुसार, सोने के फंडामेंटल अभी भी मजबूत बने हुए हैं। उनका कहना है कि जो निवेशक अभी तक सोने में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाए हैं, वे मौजूदा गिरावट का फायदा उठाकर धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं। उनके मुताबिक, तेजी वाले बाजार में ऐसे मौके बार-बार नहीं मिलते।

इस समय निवेश की सही रणनीति क्या हो सकती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को समझदारी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए कुछ अहम रणनीतियां अपनाई जा सकती हैं।

1. एकमुश्त निवेश से बचें, चरणबद्ध खरीदारी करें

पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर माना जा रहा है। कीमतों में गिरावट आने पर छोटी-छोटी खरीदारी करना जोखिम को कम कर सकता है। गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड या SIP के माध्यम से निवेश एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

2. पोर्टफोलियो में 10-15% हिस्सा रखें

वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कुल निवेश पोर्टफोलियो का लगभग 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में होना चाहिए। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान पोर्टफोलियो को संतुलन और सुरक्षा मिलती है।

3. लंबी अवधि का नजरिया अपनाएं

कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही तक सोना और चांदी फिर से अपने पुराने रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच सकते हैं। इसलिए निवेशकों को शॉर्ट-टर्म मुनाफे की बजाय लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर ध्यान देना चाहिए।

निष्कर्ष

जून 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों के लिए एक नया अवसर पैदा किया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत दीर्घकालिक संभावनाओं को देखते हुए यह समय चरणबद्ध तरीके से निवेश शुरू करने के लिए उपयुक्त हो सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का आकलन जरूर करें।

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। निवेश से जुड़े सभी निर्णय बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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