Gold Price Today: MCX पर चमका सोना, कच्चे तेल और डॉलर में नरमी से मिला सहारा

Saroj kanwar
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India-Norway 12 Agreements: प्रधानमंत्री Narendra Modi की नॉर्वे यात्रा भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक लिहाज से बेहद अहम साबित हुई। इस दौरे में भारत और नॉर्वे ने अपने रिश्तों को नई दिशा देते हुए उन्हें ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया। दोनों देशों के बीच कुल 12 बड़े समझौतों पर सहमति बनी, जिनका असर क्लाइमेट, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्पेस और मैरीटाइम सेक्टर समेत कई क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।

यह दौरा पीएम मोदी के पांच देशों—यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली—के विदेशी दौरे का चौथा चरण था। ओस्लो में उन्होंने द्विपक्षीय बातचीत के अलावा तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया।

आइए जानते हैं कि इस यात्रा से भारत को कौन-कौन से बड़े फायदे मिले:

1. ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की शुरुआत

भारत और नॉर्वे ने पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करने का फैसला किया है। नॉर्वे की एडवांस टेक्नोलॉजी और भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को जोड़कर क्लीन एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा।

2. इंडो-पैसिफिक पहल में नॉर्वे की एंट्री

नॉर्वे अब आधिकारिक तौर पर इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) का हिस्सा बन गया है। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को नई मजबूती मिलेगी।

3. Nor-Shipping 2027 में भारत की बड़ी मौजूदगी

साल 2027 में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘Nor-Shipping’ इवेंट में भारत अपना विशेष ‘इंडिया पवेलियन’ लगाएगा। इससे ग्रीन शिपिंग, शिपबिल्डिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

4. स्पेस सेक्टर में नया सहयोग

दोनों देशों की स्पेस एजेंसियों के बीच शांतिपूर्ण अंतरिक्ष उपयोग को लेकर अहम समझौता हुआ है। इससे Indian Space Research Organisation और नॉर्वेजियन स्पेस एजेंसी के बीच रिसर्च और टेक्नोलॉजी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।

5. डिजिटल इंडिया मिशन को नई ताकत

भारत और नॉर्वे ने मिलकर ‘डिजिटल डेवलपमेंट पार्टनरशिप’ लॉन्च की है। इसका उद्देश्य डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और ओपन डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना है, जिससे विकासशील देशों को भी फायदा होगा।

6. हेल्थ सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा

स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी में सहयोग को लेकर भी सहमति बनी है। इससे हेल्थकेयर इनोवेशन और बेहतर मेडिकल सुविधाओं का रास्ता खुलेगा।


Gold Price Today: ट्रंप के बयान से बदला बाजार का मूड, सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से ईरान पर संभावित हमले रोकने के संकेत मिलने के बाद ग्लोबल मार्केट में हलचल तेज हो गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर कमजोर होने से मंगलवार, 19 मई को MCX पर सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर जारी अनिश्चितता ने तेजी को सीमित रखा।

MCX गोल्ड जून फ्यूचर्स सुबह 0.17% चढ़कर ₹1,59,674 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं MCX सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स 0.30% फिसलकर ₹2,75,824 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2% टूटकर 110 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग कमजोर हुई। डॉलर इंडेक्स में भी 0.20% से ज्यादा गिरावट देखी गई। इसका फायदा सोने को मिला, क्योंकि कमजोर डॉलर की वजह से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए बुलियन सस्ता हो जाता है।

ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान ने अमेरिका को शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसके बाद उन्होंने नियोजित सैन्य कार्रवाई रोक दी। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना “काफी अच्छी” है।

इन संकेतों से ग्लोबल मार्केट में राहत का माहौल दिखा। शेयर बाजारों में तेजी आई, जबकि तेल, डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट देखने को मिली।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब भी दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है, आर्थिक विकास की रफ्तार घटा सकता है और केंद्रीय बैंकों को सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए मजबूर कर सकता है। इसका असर शेयर बाजारों और निवेशकों की रणनीति पर भी पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के मुताबिक, मिडिल ईस्ट संघर्ष शुरू होने के बाद से सोना दबाव में बना हुआ है। उनका कहना है कि तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है, जिससे ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका बनी हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में लगातार बढ़ती महंगाई ने फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है। अब बाजार में यह चर्चा तेज हो रही है कि जरूरत पड़ने पर फेड इस साल के अंत तक फिर से रेट बढ़ा सकता है।

वहीं पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के कारोबार में सोने को 4,515 डॉलर और 4,470 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 4,600 डॉलर और 4,640 डॉलर के स्तर पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है। चांदी के लिए 75.50 डॉलर और 72 डॉलर सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 80 डॉलर और 82.80 डॉलर रेजिस्टेंस जोन माने जा रहे हैं।

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