Gold Price: रिकॉर्ड तेजी के बाद सोने में बड़ी गिरावट, अमेरिका की महंगाई नरम पड़ने के बावजूद क्यों फिसला गोल्ड?

Saroj kanwar
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Gold Price Today: अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आने के बाद सोने की कीमतों को मजबूती मिली थी। निवेशकों को फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम नजर आने लगी, जिससे गोल्ड की खरीदारी बढ़ी। इस तेजी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दो महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, अब ऊंचे स्तर पर हुई मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है।

शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना करीब 40 डॉलर टूट गया। कुछ समय पहले 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार करने वाला गोल्ड शुक्रवार सुबह करीब 4,382 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज की गई।

मुनाफावसूली ने रोकी सोने की तेजी

सोने में मौजूदा गिरावट का प्रमुख कारण ऊंचे स्तर पर निवेशकों की ओर से की जा रही मुनाफावसूली माना जा रहा है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में गोल्ड करीब दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद अचानक बिकवाली बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ घरेलू बाजार पर भी दबाव बना।

अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से पहले ब्याज दरों और सोने की दिशा को लेकर बाजार में काफी अनिश्चितता थी। आंकड़े सामने आने के बाद स्थिति कुछ स्पष्ट हुई। महंगाई में नरमी के संकेत मिलने से फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कमजोर हुई, जिसका फायदा शुरुआती दौर में सोने को मिला।

4,500 डॉलर के स्तर पर निवेशकों की नजर

StoneX के सीनियर मार्केट एनालिस्ट Bob Haberkorn के अनुसार, 4,500 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए अहम माना जा रहा है। गोल्ड इस स्तर को दो बार छूने के बाद नीचे आया है, इसलिए निवेशकों के बीच इस कीमत को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव और शांति की स्थिति को लेकर स्पष्टता नहीं आने तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच सोने की कीमत एक समय करीब 3,900 डॉलर प्रति औंस तक भी पहुंच गई थी।

सितंबर में Fed के फैसले पर बाजार की नजर

CME FedWatch Tool के मुताबिक, बाजार सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 35% मान रहा है। इससे पहले यह अनुमान लगभग 44% था। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने पर सोने पर दबाव आता है, जबकि दरों में कटौती या स्थिर रहने की उम्मीद से गोल्ड को सहारा मिल सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिकी केंद्रीय बैंक के संकेत सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

MCX पर सोना और चांदी हुए सस्ते

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का असर भारतीय वायदा बाजार पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे MCX पर 5 अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 960 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,506 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

वहीं, चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। 4 सितंबर डिलीवरी वाली चांदी करीब 2,446 रुपये टूटकर 2,33,001 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई।

घरेलू बाजार में क्या है सोने का भाव?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट के बाद घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है। हालांकि, पिछले एक महीने में सोने ने करीब 10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से गुरुवार शाम जारी कीमतों के अनुसार, 24 कैरेट सोना मामूली बढ़त के साथ 1,53,071 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,40,213 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 18 कैरेट गोल्ड 1,14,803 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

चांदी की बात करें तो इसमें गिरावट दर्ज की गई और यह 2,34,228 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

निष्कर्ष: सोने में हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली ने कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है। अब निवेशकों की नजर 4,500 डॉलर के स्तर, अमेरिकी फेड के अगले फैसले और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर बनी हुई है। इन कारकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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