E20 Petrol News: संसद में सरकार का बड़ा बयान, E20 से इंजन खराब होने के नहीं मिले सबूत; जानें पूरी सच्चाई

Saroj kanwar
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E20 Petrol News: देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी बीच संसद में सरकार ने स्पष्ट किया कि अभी तक यह आकलन नहीं किया गया है कि देश में कुल कितने वाहन पूरी तरह E20 ईंधन के अनुकूल हैं। यह जानकारी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

संसद में सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने बताया कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने वाले वाहनों में बेहतर एक्सीलरेशन और स्मूद ड्राइविंग का अनुभव मिलता है। साथ ही, E10 पेट्रोल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन होता है।

सरकार के अनुसार, अब तक हुए वैज्ञानिक अध्ययनों और वास्तविक उपयोग के आंकड़ों में कहीं भी यह प्रमाण नहीं मिला कि E20 पेट्रोल से इंजन में जंग (Corrosion), असामान्य घिसावट (Wear & Tear) या वाहन की उम्र कम होने जैसी समस्याएं होती हैं। यहां तक कि ऐसे पुराने वाहनों में भी ऐसी कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई, जिन्हें मूल रूप से E20 के लिए डिजाइन नहीं किया गया था।

E20 के अनुकूल वाहनों का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं

संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) ने अभी तक यह डेटा एकत्र नहीं किया है कि देश में कितने प्रतिशत वाहन पूरी तरह E20 ईंधन के लिए उपयुक्त हैं। इसलिए इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

कैसे लागू किया गया E20 कार्यक्रम?

सरकार ने बताया कि E20 पेट्रोल योजना को बिना तैयारी के लागू नहीं किया गया। इसे चरणबद्ध तरीके से कई संस्थानों की सलाह और तकनीकी परीक्षणों के बाद आगे बढ़ाया गया।

इस प्रक्रिया में नीति आयोग (NITI Aayog), ऑटोमोबाइल कंपनियां, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) समेत कई तकनीकी संस्थानों ने भाग लिया।

E20 पेट्रोल पर कौन-कौन से परीक्षण हुए?

सरकार के अनुसार E20 ईंधन पर व्यापक स्तर पर लैब टेस्ट और फील्ड ट्रायल किए गए। इन परीक्षणों में निम्नलिखित पहलुओं की जांच की गई—

  • इंजन पर लंबे समय तक पड़ने वाला प्रभाव
  • वाहन की ड्राइविंग और प्रदर्शन
  • धातु के पुर्जों पर असर
  • विभिन्न पार्ट्स की E20 के साथ संगतता
  • प्रदूषण स्तर
  • ईंधन की खपत और कुल प्रदर्शन

सरकार का कहना है कि इन सभी परीक्षणों के आधार पर E20 पेट्रोल को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया।

क्या पुराने वाहनों पर पड़ा कोई असर?

सरकार ने कहा कि परीक्षणों में पुराने वाहनों की परफॉर्मेंस में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। इंजन या अन्य पुर्जों में असामान्य घिसावट या नुकसान के भी कोई प्रमाण नहीं मिले।

कब से इस्तेमाल हो रहा है E20 पेट्रोल?

सरकार के मुताबिक, E15+ पेट्रोल पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों से और E19-E20 पेट्रोल करीब ढाई वर्षों से व्यापक स्तर पर उपयोग में है।

इस दौरान देश में लगभग 20 करोड़ दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर चल चुकी हैं। सरकार ने कहा कि इस अवधि में एथेनॉल मिश्रण के कारण बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने या वाहन खराब होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

वाहन कंपनियों के सर्विस रिकॉर्ड क्या बताते हैं?

सरकार ने संसद में बताया कि वाहन निर्माताओं के सर्विस रिकॉर्ड में भी E20 पेट्रोल से जुड़ी कोई असामान्य समस्या सामने नहीं आई है।

रिकॉर्ड के अनुसार—

  • इंजन या पुर्जों में असामान्य जंग नहीं मिली।
  • जरूरत से ज्यादा घिसावट दर्ज नहीं हुई।
  • वाहन की उम्र पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा गया।
  • अधिकांश निर्माता E20 उपयोग करने वाले वाहनों पर वारंटी भी दे रहे हैं।

क्या E20 से माइलेज कम होता है?

सरकार ने माना कि जिन वाहनों को मूल रूप से E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किया गया था, उनमें E20 इस्तेमाल करने पर करीब 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है।

हालांकि सरकार का कहना है कि इसके बदले E20 बेहतर इंजन परफॉर्मेंस, साफ दहन (Clean Combustion), तेज एक्सीलरेशन और कम प्रदूषण जैसे कई फायदे भी देता है।

ऑटो कंपनियों के आंकड़े क्या कहते हैं?

सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में ऑटो कंपनियों ने 2.5 करोड़ से अधिक वाहनों की सर्विसिंग की। इनमें लगभग 1.5 करोड़ E20-उपयुक्त वाहन शामिल थे।

इन वाहनों के सर्विस रिकॉर्ड में E20 ईंधन से जुड़ी जंग, असामान्य घिसावट या पार्ट्स की उम्र कम होने जैसी कोई समस्या दर्ज नहीं हुई।

दूसरी कंपनी की स्टडी में क्या सामने आया?

एक अन्य वाहन निर्माता कंपनी ने करीब 1.4 करोड़ E20-संगत वाहनों पर लंबी अवधि का अध्ययन किया। रिपोर्ट में भी एथेनॉल के कारण इंजन या अन्य पुर्जों में किसी विशेष समस्या के प्रमाण नहीं मिले।

निष्कर्ष

सरकार का कहना है कि देश E20 पेट्रोल के व्यापक उपयोग के लिए तैयार है। हालांकि अभी तक यह नहीं बताया जा सकता कि कुल कितने वाहन पूरी तरह E20 के अनुकूल हैं, लेकिन विभिन्न संस्थानों के परीक्षण, फील्ड ट्रायल और वाहन कंपनियों के सर्विस डेटा के आधार पर सरकार का दावा है कि E20 पेट्रोल सुरक्षित है। साथ ही, बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने, असामान्य घिसावट या वाहन की उम्र कम होने जैसी शिकायतों की पुष्टि भी अब तक नहीं हुई है।

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