DA Hike: महंगाई भत्ते में 20% का तगड़ा इजाफा, बंगाल सरकार का अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा

Saroj kanwar
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पश्चिम बंगाल की नव-निर्वाचित भाजपा सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट पेश करते हुए राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है। बजट में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों की आय में सीधा असर देखने को मिलेगा।

सरकार के इस फैसले के अनुसार, बढ़ोतरी के बाद राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA/DR उनकी मूल वेतन का 38 प्रतिशत हो जाएगा। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगी।

DA बढ़ोतरी से क्या बदलेगा?

इस बढ़ोतरी को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से पश्चिम बंगाल के कर्मचारी केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ते की मांग कर रहे थे। नए ऐलान के बाद केंद्र और राज्य कर्मचारियों के बीच DA का अंतर, जो पहले 42 प्रतिशत अंक था, अब घटकर लगभग 22 प्रतिशत अंक रह गया है।

DA (महंगाई भत्ता) क्या होता है?

महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए दिया जाने वाला एक अतिरिक्त भुगतान है। यह बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है और इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर समय-समय पर संशोधित किया जाता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि DA पूरी तरह टैक्सेबल होता है।

DA बढ़ाने की जरूरत क्यों महसूस हुई?

केंद्र सरकार के कर्मचारी वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन और भत्ते प्राप्त कर रहे हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में कई कर्मचारी अब भी 5वें और 6वें वेतन आयोग की व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं। इसी वजह से दोनों के वेतन ढांचे में बड़ा अंतर बना हुआ था।

आगामी 8वें वेतन आयोग की चर्चा के बीच यह अंतर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी, जिसके चलते कर्मचारियों की मांगें और तेज हो गई थीं।

7वें वेतन आयोग लागू करने का वादा

कर्मचारी संगठनों के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जनवरी 2027 से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का आश्वासन भी दिया है। इसके साथ ही बजट में कई अन्य बड़े ऐलान भी किए गए हैं, जिनमें 1 लाख नई सरकारी नौकरियां, महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना पर ₹36,000 करोड़ का खर्च और मुफ्त बस सेवा के लिए ₹550 करोड़ का प्रावधान शामिल है।

कुल मिलाकर यह बजट राज्य कर्मचारियों और आम जनता दोनों के लिए राहत और रोजगार के नए अवसर लेकर आया है।

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