नई दिल्ली: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार है। उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार जल्द ही केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2 से 3 प्रतिशत तक DA बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। इसी बीच सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देते हुए औद्योगिक महंगाई भत्ते (Industrial Dearness Allowance-IDA) में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। इससे हजारों अधिकारियों और गैर-यूनियन कर्मचारियों के वेतन में सीधा इजाफा होगा।
सरकार ने जारी की नई IDA दरें
लोक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises-DPE) ने CPSE कर्मचारियों के लिए संशोधित औद्योगिक महंगाई भत्ते की नई दरें जारी कर दी हैं। यह संशोधन बढ़ती महंगाई और अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर किया गया है। नई दरों का लाभ केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में कार्यरत अधिकारियों और गैर-यूनियन सुपरवाइजरी कर्मचारियों को मिलेगा।
किस वेतनमान पर कितना बढ़ा महंगाई भत्ता?
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 1987, 1997, 2007 और 2017 वेतनमान के अंतर्गत आने वाले CPSE कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में संशोधन किया गया है। नई दरें इस प्रकार हैं—
- 1987 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 18,298 रुपये निर्धारित किया गया है।
- 1997 वेतनमान के कर्मचारियों का IDA बढ़ाकर 476.9% कर दिया गया है।
- 2007 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 241.7% तय किया गया है।
- 2017 वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों का IDA बढ़कर 55.7% हो गया है।
इन नई दरों से कर्मचारियों के मासिक वेतन में बढ़ोतरी होगी और महंगाई का असर कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
इस फैसले का लाभ देशभर की केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (CPSEs) में कार्यरत अधिकारियों और गैर-यूनियन कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें ऊर्जा, तेल एवं गैस, बिजली, कोयला, इस्पात, इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी सरकारी कंपनियां शामिल हैं।
महानगर और प्रमुख सरकारी उपक्रमों जैसे GAIL, BHEL, HAL, MTNL, IRCTC, RailTel समेत कई महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों के पात्र कर्मचारी इस बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ प्राप्त करेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ते में संशोधन करती है, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे और दैनिक खर्चों का बोझ कम हो। AICPI के आंकड़ों के आधार पर तय की गई यह बढ़ोतरी कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।