8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए गठित 8वां वेतन आयोग इन दिनों अपनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। आयोग की ओर से अपनी सिफारिशें तैयार कर सरकार को सौंपे जाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आयोग अपनी रिपोर्ट 2027 की पहली छमाही में सरकार को दे सकता है। इसी बीच कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
इसी कड़ी में भारत पेंशनर्स समाज (BPS) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में बदलाव की मांग उठाई है। संगठनों का कहना है कि पेंशनर्स से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को आयोग के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
ToR में बदलाव की मांग
BPS और AIDEF की प्रमुख मांगों में 8वें वेतन आयोग के ToR में मौजूद “unfunded cost of non-contributory pension schemes” जैसे प्रावधान को हटाने या उसमें संशोधन करने की बात शामिल है।
संगठनों का तर्क है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत मिलने वाली पेंशन सरकारी कर्मचारी की वर्षों की सेवा से जुड़ा अधिकार है। इसलिए इसे केवल सरकार की ‘अनफंडेड देनदारी’ के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
इसके अलावा, दोनों संगठन चाहते हैं कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन के संशोधन को भी 8वें वेतन आयोग के अधिकार क्षेत्र में स्पष्ट तौर पर शामिल किया जाए।
69 लाख पेंशनर्स को लेकर चिंता
पेंशनर्स संगठनों के मुताबिक, देश में करीब 69 लाख केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स हैं। संगठनों का कहना है कि सरकार की ओर से पेंशन अधिकारों की सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन ToR में पुराने पेंशनर्स की पेंशन संशोधन से जुड़े प्रावधान अभी स्पष्ट नहीं हैं।
AIDEF महासचिव सी. श्रीकुमार ने 4 अगस्त 2026 को कैबिनेट सचिव और नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के अध्यक्ष को पत्र भेजकर इस मुद्दे को उठाया। पत्र में कहा गया कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए पेंशन संशोधन को लेकर ToR में पर्याप्त स्पष्टता नहीं है।
पुरानी और नई पेंशन में समानता की मांग
AIDEF ने पुराने और नए पेंशनर्स के बीच पेंशन में समानता सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। संगठन चाहता है कि पुराने पेंशनर्स की पेंशन के साथ-साथ फैमिली पेंशन और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले अन्य लाभों की भी समीक्षा की जाए।
फिलहाल इन मांगों पर केंद्र सरकार की ओर से किसी बदलाव का इंतजार है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार 8वें वेतन आयोग के ToR में पेंशनर्स संगठनों की मांगों को शामिल करती है या नहीं।