म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले अक्सर इस दुविधा में रहते हैं कि क्या उन्हें अपने रेगुलर प्लान से हटकर डायरेक्ट प्लान में जाना चाहिए या नहीं। कई निवेशक टैक्स (Tax) लगने के डर से यह फैसला टाल देते हैं। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपका निवेश लंबी अवधि के लिए है, तो टैक्स देने के बाद भी डायरेक्ट प्लान में स्विच करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
स्विच करने पर कितना टैक्स लगता है?
जब आप रेगुलर प्लान की यूनिट्स को डायरेक्ट प्लान में ट्रांसफर करते हैं, तो इसे टैक्स नियमों के अनुसार “यूनिट्स की बिक्री और नई खरीद” माना जाता है। इसी कारण कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है:
- शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG): 20% टैक्स
- लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG): 1.25 लाख रुपये से अधिक लाभ पर 12.5% टैक्स
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए आपने रेगुलर म्यूचुअल फंड में 6 लाख रुपये निवेश किए थे, जो बढ़कर 12.38 लाख रुपये हो गए।
इसमें आपका कुल लाभ लगभग 6,38,618 रुपये होगा।
अब LTCG नियम के अनुसार 1.25 लाख रुपये की छूट घटाने के बाद, बाकी मुनाफे पर 12.5% टैक्स लगेगा।
इस हिसाब से लगभग 64,202 रुपये टैक्स देना होगा।
टैक्स कटने के बाद आपके पास करीब 11,74,416 रुपये बचेंगे, जिन्हें आप डायरेक्ट प्लान में निवेश कर सकते हैं।
कम खर्च और कंपाउंडिंग का फायदा
शुरुआत में टैक्स देना थोड़ा भारी लग सकता है, लेकिन डायरेक्ट प्लान की असली ताकत इसका कम एक्सपेंस रेशियो है।
डायरेक्ट प्लान में आमतौर पर रेगुलर प्लान की तुलना में 0.5% से 1% तक कम खर्च होता है, क्योंकि इसमें डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन शामिल नहीं होता। यही छोटा अंतर लंबे समय में कंपाउंडिंग के जरिए बड़ा फायदा देता है।
टैक्स देने के बाद कितना फायदा होगा?
अगर टैक्स के बाद बची रकम (लगभग 11.74 लाख रुपये) को डायरेक्ट प्लान में निवेश किया जाए और मान लें कि इसमें रेगुलर प्लान से सिर्फ 0.72% ज्यादा सालाना रिटर्न मिलता है, तो फर्क कुछ इस तरह दिखेगा:
- 5 साल बाद: करीब 70,009 रुपये ज्यादा फायदा
- 10 साल बाद: लगभग 2,62,948 रुपये ज्यादा रिटर्न
- 20 साल बाद: रेगुलर प्लान के 1.37 करोड़ के मुकाबले डायरेक्ट प्लान करीब 1.55 करोड़ तक पहुंच सकता है
यानी शुरुआती टैक्स देने के बावजूद, 20 साल में लगभग 18.5 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
किसे स्विच करना चाहिए और किसे नहीं?
स्विच करना बेहतर है अगर:
- आप लंबे समय (5 साल या उससे ज्यादा) के लिए निवेश कर रहे हैं
- आपको बाजार की थोड़ी समझ है
- आप खुद अपने निवेश को मैनेज कर सकते हैं
रेगुलर प्लान में रहना ठीक है अगर:
- आपका निवेश बहुत शॉर्ट-टर्म है
- आपको निवेश निर्णयों में लगातार गाइडेंस की जरूरत पड़ती है
- आप खुद बाजार को नियमित रूप से ट्रैक नहीं कर पाते
डिस्क्लेमर
सभी म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। निवेश से पहले सभी स्कीम डॉक्यूमेंट्स ध्यान से पढ़ें और किसी रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।