देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आयोग ने अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों, यूनियनों और दूसरे संबंधित पक्षों से बातचीत शुरू कर दी है। इन बैठकों के जरिए उनकी मांगों, समस्याओं और वेतन-पेंशन से जुड़े सुझावों को समझने की कोशिश की जा रही है।
8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों और हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। दिल्ली, जयपुर और कोलकाता समेत कई स्थानों पर चर्चा हो चुकी है।
कर्मचारियों का डेटा जुटाया गया
आयोग की प्रक्रिया के तहत अलग-अलग सरकारी विभागों से कर्मचारियों से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। अब इस डेटा का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर आगे रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, अभी तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें किस तारीख से लागू होंगी, इसे लेकर अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा
केंद्रीय कर्मचारियों के बीच फिटमेंट फैक्टर इस समय सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है। कर्मचारी संगठन करीब 2.86 गुना से 3.25 गुना तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।
फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों के बेसिक पे पर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम फिटमेंट फैक्टर क्या होगा और इससे वेतन में वास्तविक रूप से कितनी बढ़ोतरी होगी, यह आयोग की सिफारिश और सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।
HRA और दूसरे भत्तों में बदलाव की मांग
कर्मचारी संगठन सिर्फ बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी की मांग तक सीमित नहीं हैं। हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस यानी TA और अन्य भत्तों में संशोधन की मांग भी उठाई जा रही है।
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों में किराए और रोजमर्रा के खर्च में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में मौजूदा HRA व्यवस्था की समीक्षा कर इसे नए तरीके से निर्धारित करने की जरूरत है। अगर इन मांगों पर सहमति बनती है, तो इसका असर कर्मचारियों की कुल आय और पेंशन से जुड़े लाभों पर भी पड़ सकता है।
8th Pay Commission कब लागू होगा?
8वें वेतन आयोग के लागू होने की आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं हुई है। मौजूदा प्रक्रिया और काम की गति को देखते हुए 2027 में इसके लागू होने का अनुमान लगाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग को 2026 से प्रभावी माना जा सकता है और नए वेतनमान लागू होने पर संबंधित अवधि का एरियर भी दिया जा सकता है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर आयोग की आगामी बैठकों, फिटमेंट फैक्टर, HRA और अन्य भत्तों पर होने वाली चर्चाओं पर टिकी हुई है। अंतिम सिफारिशें सामने आने के बाद ही यह साफ होगा कि नए वेतन आयोग से वेतन और पेंशन में कितना वास्तविक बदलाव होगा।