8th Pay Commission: HRA+DA में 40% बढ़ोतरी की मांग, सैलरी में बड़ा उछाल संभव; दिल्ली-मुंबई कर्मचारियों को मिल सकती है राहत

Saroj kanwar
4 Min Read

नई दिल्ली: देशभर के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स इस समय आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच आयोग की गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में 22 और 23 जून को लखनऊ में विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बढ़ोतरी का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा।

HRA बढ़ाने की मांग क्यों उठी?

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बड़े शहरों में मकान किराया लगातार बढ़ रहा है, जबकि मौजूदा HRA इस बढ़ते खर्च के मुकाबले काफी कम है। इसी वजह से संगठनों ने HRA दरों में बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है।

ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में किराया बहुत ज्यादा है। उन्होंने बताया कि लेवल-1 कर्मचारी को लगभग 5,400 रुपये HRA मिलता है, जबकि एक सामान्य 2BHK फ्लैट का किराया 10,000 से 12,000 रुपये या उससे भी अधिक पहुंच चुका है। ऐसे में वर्तमान HRA से खर्च पूरा करना मुश्किल हो रहा है।

संगठनों की क्या हैं प्रमुख सिफारिशें?

कई कर्मचारी संगठनों ने आठवें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग प्रस्ताव रखे हैं:

  • X श्रेणी के शहरों के लिए HRA को 36% से 40% तक बढ़ाने की मांग
  • Y श्रेणी के शहरों के लिए 24% से 35% तक HRA का सुझाव
  • Z श्रेणी के शहरों के लिए 12% से 30% तक HRA की सिफारिश

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने भी इसी तरह का प्रस्ताव दिया है, जिसमें X शहरों के लिए 40%, Y के लिए 35% और Z के लिए 30% HRA की बात कही गई है। संगठन का यह भी सुझाव है कि महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के साथ HRA भी अपने आप संशोधित होता रहे।

मौजूदा HRA सिस्टम क्या है?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को तीन श्रेणियों में HRA दिया जाता है:

  • X शहर: 30%
  • Y शहर: 20%
  • Z शहर: 10%

पहले 7वें वेतन आयोग के तहत यह दरें क्रमशः 24%, 16% और 8% थीं। बाद में जनवरी 2024 में महंगाई भत्ता 50% होने के बाद इन्हें संशोधित किया गया।

नई श्रेणियों की भी मांग

इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने मौजूदा प्रणाली में बदलाव की मांग करते हुए शहरों को चार श्रेणियों में बांटने का सुझाव दिया है। इसके तहत 50 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए 40%+DA HRA की मांग की गई है।

अन्य संगठनों की राय

डिफेंस और पोस्टल सेक्टर से जुड़े संगठनों ने भी लगभग समान मांगें रखी हैं। ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लॉईज फेडरेशन (AIDEF) ने NC-JCM के प्रस्ताव का समर्थन किया है, जबकि फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने HRA को सीधे DA से जोड़ने और पेंशनर्स को भी इसका लाभ देने की मांग उठाई है।

क्या हो सकता है आगे?

स्पष्ट है कि आठवें वेतन आयोग में HRA बढ़ोतरी का मुद्दा सबसे अहम विषयों में से एक बन गया है। अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की मांगों को स्वीकार करती है, तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *