8th Pay Commission: छठे और सातवें वेतन आयोग में कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के लिए फिटमेंट फैक्टर को क्रमशः 1.86 और 2.57 रखा गया था। इसी आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों में संशोधन किया गया था।
अब आठवें वेतन आयोग को लेकर भी सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। यदि इस बार सरकार पहले की तुलना में अधिक फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो इसका सीधा फायदा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। इससे उनकी बेसिक सैलरी, पेंशन और विभिन्न भत्तों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके लागू होने से केंद्र सरकार पर वेतन और पेंशन मद में अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर तय होगा, उतना ही सरकार का कुल व्यय बढ़ेगा। इसलिए आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर का अंतिम फैसला कर्मचारियों की आय और सरकारी खर्च—दोनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।