8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। अक्टूबर 2025 में केंद्र सरकार द्वारा आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी मिलने के बाद से आयोग विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहा है। अब इसकी गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसी बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ तो करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को इसका लाभ मिल सकता है।
सितंबर में हो सकता है नए DA का ऐलान
केंद्र सरकार हर साल दो बार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) में संशोधन करती है। जनवरी 2026 से लागू हुए हालिया संशोधन में DA में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जिससे इसकी कुल दर 60 प्रतिशत पहुंच गई। इस बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा 18 अप्रैल 2026 को की गई थी।
‘ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन’ के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए DA बढ़ोतरी का ऐलान आमतौर पर सितंबर महीने में किया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में इसकी घोषणा अक्टूबर तक भी खिसक सकती है।
किस आधार पर तय होता है महंगाई भत्ता?
महंगाई भत्ते की गणना श्रम ब्यूरो द्वारा जारी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर की जाती है। सरकार को DA तय करने के लिए कई महीनों के आंकड़ों का विश्लेषण करना पड़ता है।
अप्रैल 2026 में AICPI-IW इंडेक्स 0.8 अंक बढ़कर 149.9 पर पहुंच गया था। अब जुलाई 2026 से लागू होने वाले DA की दर मुख्य रूप से मई और जून 2026 के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद ही बढ़ोतरी की अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
मेमोरेंडम जमा करने की समयसीमा समाप्त
8वें वेतन आयोग के समक्ष सुझाव और मांगें भेजने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को वेतन, भत्तों और पेंशन संबंधी सुझाव देने का अवसर दिया था।
अब आयोग को प्राप्त सभी ज्ञापनों और प्रस्तावों का अध्ययन करेगा और आगे की प्रक्रिया को गति देगा।
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें
विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और संगठनों ने आयोग के समक्ष कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें सबसे ज्यादा जोर वेतन, पेंशन और सेवा लाभों में सुधार पर दिया गया है।
1. न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि की जाए और फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाया जाए ताकि वेतन में बड़ा सुधार देखने को मिले।
2. पेंशन व्यवस्था में बदलाव
यूनियनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने या मौजूदा NPS और UPS व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने की मांग उठाई है।
3. भत्तों और अन्य सुविधाओं में सुधार
हाउस रेंट अलाउंस (HRA), रिस्क अलाउंस, बोनस, लीव बेनिफिट्स और अन्य सेवा-संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है।
मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग अब विभिन्न पक्षों से प्राप्त सुझावों का विस्तृत विश्लेषण करेगा और शेष चर्चाओं को जल्द पूरा करने की दिशा में काम करेगा।
राज्यों के दौरे जारी रखेगा 8वां वेतन आयोग
हितधारकों से सीधे संवाद स्थापित करने के लिए 8वां वेतन आयोग देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर रहा है। आगामी कार्यक्रमों के तहत आयोग निम्न स्थानों पर बैठकें करेगा:
- लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – 22 और 23 जून 2026
- भुवनेश्वर (ओडिशा) – 6 और 7 जुलाई 2026
- कोलकाता (पश्चिम बंगाल) – 9 और 10 जुलाई 2026
इससे पहले आयोग दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और महाराष्ट्र में विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर चुका है। वहीं, 26 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों के साथ इसकी पहली औपचारिक बैठक आयोजित की गई थी।
क्या है आगे की उम्मीद?
मेमोरेंडम प्रक्रिया पूरी होने और राज्यों में जारी परामर्श बैठकों के बाद अब सभी की निगाहें आयोग की आगामी सिफारिशों और सितंबर में संभावित DA बढ़ोतरी पर टिकी हुई हैं। यदि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाता है, तो आने वाले समय में लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है।