8th Pay Commission: कर्मचारियों को बड़ी राहत! न्यूनतम सैलरी ₹68,940 तक पहुंच सकती है, पेंशन-भत्तों पर चर्चा जारी

Saroj kanwar
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8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आयोग फिलहाल देशभर के कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से सुझाव और मांगें जुटाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में 22 और 23 जून को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें वेतन वृद्धि, पेंशन संशोधन, भत्तों और सेवा संबंधी कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

1.24 करोड़ से अधिक लोगों पर पड़ेगा असर

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा प्रभाव करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स पर पड़ने वाला है। यही कारण है कि आयोग की हर गतिविधि पर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की नजर बनी हुई है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स से लिए जा रहे सुझाव

आयोग अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनर समूहों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत कर रहा है। इन बैठकों में वेतनमान, महंगाई भत्ता (DA), पेंशन, रिटायरमेंट लाभ और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

लखनऊ में हुई बैठक भी इसी परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा थी। अप्रैल से शुरू हुई यह कवायद आने वाले महीनों में देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक जारी रहेगी।

वेतन बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों की बड़ी उम्मीदें

केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी उम्मीद वेतन में संभावित बढ़ोतरी को लेकर है। कर्मचारी संगठनों की ओर से बेहतर वेतनमान और अधिक भत्तों की मांग लगातार उठाई जा रही है। हालांकि आयोग को कर्मचारियों की अपेक्षाओं और सरकार की वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाकर फैसला लेना होगा।

फिलहाल वेतन वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए किसी भी संभावित बढ़ोतरी को लेकर अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।

पेंशनर्स भी कर रहे हैं बड़ी मांगें

पेंशनर्स के लिए भी 8वां वेतन आयोग बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि वेतन संरचना में बदलाव होता है तो इसका असर पेंशन और रिटायरमेंट लाभों पर भी पड़ेगा। इसी वजह से विभिन्न पेंशनर संगठनों ने भी आयोग के समक्ष अपनी मांगें और सुझाव रखे हैं।

फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा

वेतन और पेंशन में वृद्धि तय करने में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम बेसिक वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।

अब कर्मचारी संगठनों की ओर से 8वें वेतन आयोग में इससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है।

3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग

कुछ कर्मचारी यूनियनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव रखा है। यदि इस मांग को स्वीकार किया जाता है तो वर्तमान 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 68,940 रुपये तक पहुंच सकती है।

हालांकि यह केवल कर्मचारी संगठनों की मांग है। आयोग या सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

आगे क्या होगा?

लखनऊ बैठक के बाद आयोग अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी परामर्श बैठकें आयोजित करेगा। सभी सुझावों और मांगों का अध्ययन करने के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा।

इसके बाद सरकार रिपोर्ट की सिफारिशों की समीक्षा करेगी और अंतिम निर्णय लेगी। ऐसे में आने वाले महीनों में 8वें वेतन आयोग से जुड़ी गतिविधियां लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली हैं।

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