नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने संसद में एक अहम जानकारी देते हुए मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार ने कहा है कि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 के बीच सेवानिवृत्त हुए केंद्रीय कर्मचारियों को MACP योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
राज्यसभा में सांसद संजय सिंह ने 23 जुलाई 2026 को सरकार से पूछा कि वर्ष 2006 से 2008 के बीच रिटायर हुए केंद्रीय कर्मचारियों को MACP का लाभ क्यों नहीं दिया गया। इस पर कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की ओर से जवाब देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि MACP योजना छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 1 सितंबर 2008 से लागू की गई थी। ऐसे में इससे पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों पर यह योजना लागू नहीं होती, क्योंकि उस अवधि में यह व्यवस्था अस्तित्व में ही नहीं थी।
1 सितंबर 2008 से पहले रिटायर कर्मचारियों को क्यों नहीं मिलेगा लाभ?
सरकार के अनुसार, किसी भी योजना का लाभ उसी तारीख से दिया जा सकता है, जब वह प्रभावी होती है। चूंकि MACP योजना 1 सितंबर 2008 से लागू हुई थी, इसलिए 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को इसका लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है।
MACP योजना क्या है?
Modified Assured Career Progression (MACP) केंद्र सरकार की ऐसी योजना है, जिसका उद्देश्य उन कर्मचारियों को वित्तीय राहत देना है जिन्हें लंबे समय तक नियमित प्रमोशन नहीं मिल पाता।
इस योजना के तहत यदि किसी कर्मचारी को लगातार 10 वर्षों तक पदोन्नति नहीं मिलती, तो उसे निर्धारित सेवा अवधि पूरी होने पर वित्तीय उन्नयन (Financial Upgradation) दिया जाता है। वर्तमान नियमों के अनुसार कर्मचारी को 10, 20 और 30 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने पर कुल तीन वित्तीय अपग्रेडेशन मिलते हैं।
यह योजना विशेष रूप से ग्रुप C और ग्रुप D कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां प्रमोशन के अवसर अपेक्षाकृत कम होते हैं।
8वें वेतन आयोग से जुड़ी नई मांग
जहां पुराने रिटायर कर्मचारियों को सरकार के इस फैसले से राहत नहीं मिली है, वहीं मौजूदा कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग से कई बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं।
नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन ने 8वें वेतन आयोग को अपना ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि MACP के तहत मिलने वाले वित्तीय अपग्रेडेशन की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 की जाए।
यदि इस मांग को मंजूरी मिलती है, तो भविष्य में केंद्रीय कर्मचारियों को करियर के दौरान अधिक वित्तीय लाभ और बेहतर वेतन वृद्धि का अवसर मिल सकता है।