देश की प्रमुख ऑटो कंपोनेंट निर्माता Samvardhana Motherson International ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में दमदार बढ़ोतरी दर्ज की है। हालांकि, इतने मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह सीमित रहा और कंपनी का शेयर लगभग सपाट कारोबार करता दिखाई दिया।
Q1FY27 में रिकॉर्ड रेवेन्यू और 55% बढ़ा मुनाफा
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तिमाही में उसका प्रदर्शन पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी बेहतर रहा।
| मापदंड | Q1FY26 | Q1FY27 | सालाना बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹30,212 करोड़ | ₹35,244 करोड़ | 17% |
| EBITDA | ₹2,466 करोड़ | ₹3,104 करोड़ | 26% |
| EBITDA मार्जिन | 8.2% | 8.8% | सुधार |
| Normalized PAT | ₹667 करोड़ | ₹1,032 करोड़ | 55% |
कंपनी का कहना है कि यह उसकी अब तक की किसी भी पहली तिमाही का सबसे अधिक रेवेन्यू है। बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और मजबूत मांग के चलते कंपनी का लाभ भी तेज़ी से बढ़ा।
दुनिया की अग्रणी ऑटो एंसिलियरी कंपनियों में शामिल
Samvardhana Motherson आज दुनिया की प्रमुख ऑटोमोटिव सप्लाई कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी 47 देशों में ग्राहकों को सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध कराती है। इसका कारोबार डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और लॉजिस्टिक्स (DEMAL) मॉडल पर आधारित है।
कंपनी वायरिंग हार्नेस, विजन सिस्टम, पॉलिमर मॉड्यूल सहित लगभग 12 अलग-अलग ऑटो कंपोनेंट सेगमेंट में काम करती है और वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों को सप्लाई करती है।
चेयरमैन ने जताया लंबी अवधि के ग्रोथ पर भरोसा
कंपनी के चेयरमैन विवेक चांद सहगल ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत बेहद मजबूत रही है। हालांकि, इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां अभी भी चुनौती बनी हुई हैं, लेकिन कंपनी दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पहली तिमाही में ₹1,614 करोड़ का कैपेक्स
कंपनी ने जून तिमाही के दौरान लगभग ₹1,614 करोड़ का पूंजीगत निवेश (Capex) किया, जो EBITDA का करीब 52% है। पूरे वित्त वर्ष FY27 के लिए कंपनी ने लगभग ₹6,000 करोड़ (±10%) के कैपेक्स प्लान को बरकरार रखा है।
इसी दौरान कंपनी ने चीन की Shenzhen Autocruis का अधिग्रहण किया, जो डिजिटल विजन टेक्नोलॉजी क्षेत्र में काम करती है। इसके अलावा Nexans Autoelectric और Yutaka Giken के अधिग्रहण भी जुलाई में पूरे हो चुके हैं।
बढ़ती इनपुट कॉस्ट बनी चिंता
बेहतर नतीजों के बावजूद कंपनी के सामने कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
- कॉपर की कीमतों में सालाना लगभग 40% की वृद्धि।
- एल्युमीनियम के दाम करीब 45% बढ़े।
- पॉलिमर की कीमतों में सालाना 55% और तिमाही आधार पर 66% की तेजी।
- कंटेनर फ्रेट इंडेक्स में सालाना 40% तथा तिमाही आधार पर 83% की बढ़ोतरी।
इन लागतों का असर भविष्य के मार्जिन पर पड़ सकता है।
कैपेक्स के साथ बढ़ा कंपनी का कर्ज
बड़े निवेश कार्यक्रम के चलते कंपनी का कुल ग्रॉस डेट भी बढ़ा है। मार्च 2026 तिमाही के अंत में कंपनी का ग्रॉस डेट ₹15,895 करोड़ था, जो जून 2026 तिमाही के अंत तक बढ़कर ₹16,606 करोड़ हो गया।
विश्लेषकों का मानना है कि भारी कैपेक्स, बढ़ता कर्ज और ऊंची इनपुट लागत ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से मजबूत वित्तीय नतीजों के बावजूद शेयर में बड़ी तेजी देखने को नहीं मिली।
Samvardhana Motherson Share Price
तिमाही नतीजों के बाद कंपनी का शेयर करीब ₹154-155 के स्तर पर हल्की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
- 52 सप्ताह का उच्च स्तर: ₹158
- 52 सप्ताह का निचला स्तर: ₹89
- 1 सप्ताह का रिटर्न: 5%
- 1 महीने का रिटर्न: 6%
- 3 महीने का रिटर्न: 22%
- 2026 में अब तक का रिटर्न: 26%
- मार्केट कैप: लगभग ₹1.63 लाख करोड़
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Samvardhana Motherson ने पहली तिमाही में रिकॉर्ड रेवेन्यू और 55% मुनाफे की बढ़ोतरी के साथ मजबूत परिचालन प्रदर्शन दिखाया है। हालांकि, बढ़ती इनपुट लागत, भारी कैपेक्स और कर्ज में इजाफा निकट भविष्य में कंपनी के लिए चुनौती बने रह सकते हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए केवल मजबूत नतीजों के बजाय कंपनी की लागत, मार्जिन और भविष्य की ग्रोथ रणनीति पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।