सोने और चांदी की कीमतों में 23 जून को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी का भाव 10,566 रुपये प्रति किलोग्राम घटकर 2.27 लाख रुपये पर पहुंच गया है। इससे पहले सोमवार को चांदी 2.37 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत में भी 2,522 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। अब सोना 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है, जबकि 22 जून को इसका भाव करीब 1.47 लाख रुपये था।
जून में कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
इस महीने की शुरुआत से अब तक सोने और चांदी दोनों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है। जून के दौरान सोने की कीमत 10,748 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 36,015 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
1 जून को सोने का भाव 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि चांदी 2.63 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदल जाते हैं सोने के दाम?
देशभर में सोने की कीमतें एक जैसी नहीं होतीं। इसके पीछे कई स्थानीय और व्यावसायिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा लागत
सोने को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा पर खर्च होता है। यही अतिरिक्त लागत विभिन्न शहरों में कीमतों को प्रभावित करती है।
2. स्थानीय मांग और खपत
कुछ राज्यों, खासकर दक्षिण भारत में, सोने की मांग अधिक रहती है। ज्यादा खपत के कारण वहां के बाजारों में कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है।
3. ज्वेलर्स एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर के ज्वेलरी संगठन स्थानीय मांग और आपूर्ति की स्थिति के अनुसार कीमतों में बदलाव कर सकते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने जिस कीमत पर सोना खरीदा होता है, उसका असर भी ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
इस साल कितना गिरा सोना और चांदी?
2026 में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
31 दिसंबर 2025 को सोना करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद 29 जनवरी को यह बढ़कर 1.76 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। उस उच्च स्तर से अब तक सोना लगभग 31,333 रुपये सस्ता हो चुका है।
चांदी की बात करें तो वर्ष के अंत में इसका भाव 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था, जो 29 जनवरी को रिकॉर्ड 3.86 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। तब से अब तक लगभग 1.59 लाख रुपये प्रति किलो की गिरावट आ चुकी है।
सरकार ने बढ़ाई सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी
केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य विदेशी खरीद को नियंत्रित करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना बताया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया गया है। इससे कुल प्रभावी कर 15% हो गया है। गौरतलब है कि 2024 के बजट में सरकार ने इसे 15% से घटाकर 6% किया था।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित गोल्ड ही चुनें। हॉलमार्क नंबर से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है।
कीमत की पुष्टि करें
खरीदारी से पहले विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों, जैसे IBJA, पर उस दिन का सोने का भाव जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में अंतर होता है।
असली चांदी पहचानने के आसान तरीके
मैग्नेट टेस्ट
शुद्ध चांदी चुंबक को आकर्षित नहीं करती। यदि धातु चुंबक से चिपक जाए तो उसकी शुद्धता पर सवाल उठ सकता है।
आइस टेस्ट
चांदी ऊष्मा की अच्छी चालक होती है। इसके ऊपर रखी बर्फ सामान्य धातुओं की तुलना में जल्दी पिघलती है।
स्मेल टेस्ट
असली चांदी में किसी प्रकार की गंध नहीं होती, जबकि नकली मिश्रित धातुओं से धात्विक या तांबे जैसी गंध आ सकती है।
कपड़ा टेस्ट
चांदी को सफेद कपड़े पर रगड़ने से काले निशान दिखाई दें तो यह उसकी वास्तविकता का संकेत माना जाता है।
भारतीय परिवारों के पास GDP से ज्यादा मूल्य का सोना
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने का कुल मूल्य 5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 450 लाख करोड़ रुपये) से अधिक हो चुका है। यह देश की लगभग 370 लाख करोड़ रुपये की GDP से भी ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय घरों में करीब 34,600 टन सोना मौजूद है। वैश्विक और घरेलू बाजारों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची कीमतों के कारण इसकी कुल वैल्यू में भारी बढ़ोतरी हुई है।