सीने में चुभन हर बार हार्ट अटैक नहीं, इन 5 वजहों से भी हो सकता है दर्द

Saroj kanwar
7 Min Read

Chest Pain Causes: सीने में दर्द, चुभन, जलन या भारीपन महसूस होते ही ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहले हार्ट अटैक का ख्याल आता है। ऐसे लक्षणों को गंभीरता से लेना जरूरी है, लेकिन हर बार इसका कारण दिल की बीमारी ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार पाचन तंत्र, मांसपेशियों, फेफड़ों, तनाव या शरीर के पोस्चर से जुड़ी समस्याओं के कारण भी छाती में इसी तरह की तकलीफ हो सकती है।

फिर भी सीने में अचानक या तेज दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर अगर इसके साथ सांस लेने में परेशानी, पसीना, चक्कर, मितली या दर्द का शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैलना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

हार्ट अटैक में कैसे पहचानें सीने का दर्द?

सीने में तकलीफ होने पर डॉक्टर सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि कहीं इसका संबंध हृदय से तो नहीं है। हार्ट अटैक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए इसमें देरी करना खतरनाक हो सकता है।

हार्ट अटैक में सीने में दबाव, जकड़न या भारीपन के साथ सांस फूलना, ठंडा पसीना, मितली, कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। दर्द कभी-कभी कंधे, बांह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक भी फैल सकता है।

अगर जांच में हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्या नहीं मिलती, तो डॉक्टर सीने में दर्द के अन्य संभावित कारणों पर विचार करते हैं। इनमें ये पांच वजहें आम हैं।

1. एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स

सीने में जलन या दर्द की एक आम वजह एसिड रिफ्लक्स हो सकती है। इसमें पेट का एसिड ऊपर जाकर भोजन की नली में पहुंचता है, जिससे छाती के बीच में जलन या असहजता महसूस हो सकती है। इसे आम भाषा में हार्टबर्न कहा जाता है।

अक्सर यह परेशानी ज्यादा या मसालेदार खाना खाने के बाद और तुरंत लेटने पर बढ़ सकती है। बार-बार होने वाली एसिडिटी को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

खाने की मात्रा कम रखें, बहुत ज्यादा तला-मसालेदार भोजन से बचें और भोजन के तुरंत बाद बिस्तर पर न जाएं। चाय-कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय भी कुछ लोगों में लक्षण बढ़ा सकते हैं।

2. मांसपेशियों में खिंचाव और कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस

हर सीने का दर्द दिल से संबंधित नहीं होता। चेस्ट वॉल की मांसपेशियों में खिंचाव या कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस भी दर्द की वजह बन सकता है।

भारी वजन उठाने, लगातार खांसने, अचानक शरीर मोड़ने या गलत पोस्चर में लंबे समय तक बैठने से छाती की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस में पसलियों और ब्रेस्टबोन को जोड़ने वाले कार्टिलेज के आसपास सूजन के कारण दर्द हो सकता है।

ऐसे दर्द में शरीर को पर्याप्त आराम देना, गलत पोस्चर सुधारना और जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेना मददगार हो सकता है। कुछ मामलों में फिजियोथेरेपी भी उपयोगी हो सकती है।

3. तनाव, एंग्जायटी और पैनिक अटैक

मानसिक तनाव का असर शरीर पर भी दिखाई दे सकता है। एंग्जायटी या पैनिक अटैक के दौरान सीने में जकड़न, दर्द या चुभन के साथ दिल की धड़कन तेज होना, सांस फूलना, पसीना और बेचैनी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

इनके कुछ लक्षण हार्ट अटैक जैसे लग सकते हैं, इसलिए पहली बार ऐसे लक्षण महसूस होने पर खुद से कारण तय करने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

अगर हृदय संबंधी समस्या को जांच के बाद बाहर कर दिया गया है, तो तनाव कम करने के लिए नियमित नींद, पर्याप्त आराम, कैफीन का सीमित सेवन, सांस से जुड़ी रिलैक्सेशन एक्सरसाइज और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद ली जा सकती है।

4. फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं

सीने में दर्द या भारीपन का संबंध फेफड़ों और उनके आसपास की परत से जुड़ी समस्याओं से भी हो सकता है। चेस्ट इंफेक्शन, निमोनिया और लंबे समय तक रहने वाली तेज खांसी में सीने में दर्द या चुभन महसूस हो सकती है। कुछ लोगों में अस्थमा के दौरान छाती में जकड़न भी महसूस होती है।

अगर सीने की तकलीफ के साथ बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण मौजूद हों, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या का वास्तविक कारण क्या है।

5. गैस, ब्लोटिंग और अपच

गैस, पेट फूलना और अपच भी कभी-कभी सीने के निचले हिस्से या ऊपरी पेट में दबाव और असहजता पैदा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में डकार, पेट में भारीपन और ब्लोटिंग जैसे लक्षण भी साथ दिखाई दे सकते हैं।

ओवरईटिंग से बचना, भोजन धीरे-धीरे खाना और अपनी डाइट में उन चीजों की मात्रा कम करना उपयोगी हो सकता है जिनसे आपको बार-बार गैस या अपच की समस्या होती है। खाने के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि भी कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है।

हालांकि, गैस समझकर सीने के दर्द को खुद से नजरअंदाज करना सही नहीं है। खासकर अगर दर्द नया, तेज या लगातार बना हुआ है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

सीने में दर्द को नजरअंदाज न करें

सीने में चुभन, दर्द, जलन या भारीपन के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। यह हर बार हार्ट अटैक का संकेत नहीं होता, लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर यह तय करना भी सुरक्षित नहीं है कि समस्या दिल से जुड़ी नहीं है।

इसलिए सीने में नया या असामान्य दर्द होने पर डॉक्टर से जांच करवाएं। अगर दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, बेहोशी जैसा महसूस होना, ठंडा पसीना, तेज कमजोरी या दर्द का बांह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।

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