शरीर की हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

Saroj kanwar
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शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक गांठ महसूस होना अक्सर चिंता का कारण बन जाता है। कई लोग इसे सीधे कैंसर से जोड़ लेते हैं, जबकि कुछ लोग लंबे समय तक इसे मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में बनने वाली ज्यादातर गांठें सौम्य (Benign) होती हैं और उनका कैंसर से कोई संबंध नहीं होता। फिर भी, किसी भी नई या लंबे समय तक बनी रहने वाली गांठ की डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है ताकि उसके वास्तविक कारण का पता चल सके।

शरीर में गांठ बनने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

शरीर में गांठ बनने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और हर कारण गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। कई बार त्वचा के नीचे फैट जमा होने से लिपोमा (Lipoma) बन जाता है, जो सामान्य तौर पर मुलायम और दर्द रहित होता है। वहीं त्वचा के अंदर तरल पदार्थ जमा होने से सिस्ट (Cyst) विकसित हो सकती है।

इसके अलावा संक्रमण के दौरान लिम्फ नोड्स में सूजन, चोट लगने के बाद खून का जमा होना (हेमेटोमा), हार्मोनल बदलाव या कुछ मामलों में ट्यूमर भी गांठ बनने की वजह बन सकते हैं। डॉक्टर गांठ के आकार, स्थान, बनावट, बढ़ने की गति और उससे जुड़े लक्षणों के आधार पर तय करते हैं कि यह सामान्य है या आगे जांच की जरूरत है।

कौन-सी गांठ सामान्य मानी जाती है?

अधिकांश सौम्य गांठों में कुछ सामान्य विशेषताएं देखने को मिलती हैं।

  • धीरे-धीरे आकार बढ़ना।
  • छूने पर आसानी से इधर-उधर हिल जाना।
  • मुलायम या रबड़ जैसी बनावट होना।
  • लंबे समय तक आकार में कोई खास बदलाव न होना।
  • इसके साथ अन्य गंभीर लक्षणों का न होना।

किन तरह की गांठ पर तुरंत ध्यान देना चाहिए?

कुछ गांठें गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती हैं। यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

  • गांठ का तेजी से बड़ा होना।
  • बहुत सख्त महसूस होना।
  • त्वचा या अंदरूनी ऊतकों से चिपकी होना।
  • कई सप्ताह तक लगातार बनी रहना।
  • बिना दर्द के लगातार आकार बढ़ना।
  • गांठ के ऊपर की त्वचा का रंग बदलना या घाव बन जाना।

ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

1. गांठ का आकार तेजी से बढ़ने लगे

यदि कुछ दिनों या हफ्तों में गांठ लगातार बड़ी होती जा रही है, तो यह संक्रमण, तेजी से बढ़ने वाले ट्यूमर या किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

2. गांठ बहुत सख्त हो और हिलती न हो

यदि गांठ दबाने पर अपनी जगह से न हिले और पत्थर जैसी कठोर महसूस हो, तो इसकी जांच करवाना जरूरी है। विशेषज्ञ ऐसी गांठ का मूल्यांकन करने की सलाह देते हैं।

3. त्वचा में बदलाव दिखाई देना

अगर गांठ के ऊपर की त्वचा लाल हो जाए, काली पड़ने लगे, घाव बन जाए या उसमें से किसी प्रकार का तरल निकलने लगे, तो यह संक्रमण या किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।

4. बिना वजह वजन घटना या लगातार बुखार रहना

यदि गांठ के साथ अचानक वजन कम हो रहा हो, लंबे समय तक बुखार बना रहे या रात में अत्यधिक पसीना आता हो, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर से तुरंत जांच कराना बेहतर रहेगा।

5. गर्दन, बगल या कमर की लिम्फ नोड्स लंबे समय तक सूजी रहें

संक्रमण के दौरान लिम्फ नोड्स का कुछ समय के लिए बढ़ना सामान्य हो सकता है। लेकिन यदि सूजन कई सप्ताह तक बनी रहे या लगातार बढ़ती जाए, तो इसकी चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।

6. सांस लेने, निगलने या चलने-फिरने में परेशानी

यदि गांठ ऐसी जगह हो जहां वह आसपास के अंगों पर दबाव डाल रही हो और सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने लगें, तो बिना देर किए विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।

कब नहीं करें लापरवाही?

हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन हर नई या लंबे समय तक बनी रहने वाली गांठ को हल्के में लेना भी सही नहीं है। यदि गांठ तेजी से बढ़ रही हो, असामान्य रूप से सख्त हो, त्वचा में बदलाव कर रही हो या इसके साथ वजन घटना, लगातार बुखार, रात में पसीना या लिम्फ नोड्स की सूजन जैसे लक्षण मौजूद हों, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

समय पर जांच से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि गांठ सामान्य है या किसी गंभीर बीमारी का संकेत। सही समय पर इलाज शुरू होने से कई जटिलताओं से बचा जा सकता है। इसलिए घबराने के बजाय जागरूक रहें और किसी भी असामान्य गांठ को नजरअंदाज न करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार की गांठ या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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