Sanjay Manjrekar on Vaibhav Sooryavanshi: भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए मुकाबले के बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक विवाद का हिस्सा बन गए हैं। मैच के दौरान श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हालमबागे के साथ उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मामले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है।
संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि वह भारत ए टीम के कोच या मैनेजर होते, तो अफगानिस्तान के खिलाफ अगले मैच में वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखते। उनका मानना है कि ऐसा कदम युवा खिलाड़ी को यह संदेश देने के लिए जरूरी होता कि मैदान पर किसी भी परिस्थिति में शारीरिक आक्रामकता स्वीकार्य नहीं है, चाहे सामने वाला खिलाड़ी कितना भी उकसावे वाला व्यवहार क्यों न करे।
मांजरेकर की इस टिप्पणी के बाद क्रिकेट फैंस दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने इस राय का विरोध किया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और ऐसे दबाव वाले मुकाबलों में भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा होता है।
एक यूजर ने लिखा कि वैभव लगातार उकसावे का सामना कर रहे थे और उनकी प्रतिक्रिया एक किशोर खिलाड़ी की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। वहीं, दूसरे प्रशंसकों का मानना है कि युवा बल्लेबाज को भविष्य में अधिक संयम दिखाना होगा और विरोधियों को अपने प्रदर्शन से जवाब देना सीखना चाहिए।
दरअसल, सुपर ओवर में श्रीलंका ए की जीत के बाद विशेन हालमबागे पर भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ कथित तौर पर उकसावे वाली टिप्पणियां करने का आरोप लगा था। इसी दौरान उनकी और वैभव सूर्यवंशी की बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों खिलाड़ियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहस के दौरान हालमबागे वैभव के काफी करीब आ गए थे, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने उन्हें धक्का दे दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने क्रिकेट जगत में खेल भावना, अनुशासन और युवा खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वहीं, सोशल मीडिया पर फैंस अब भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।