रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए रेलवे बोर्ड ने एक अहम फैसला लिया है। नए आदेश के तहत अब शताब्दी एक्सप्रेस की चेयर कार (CC) श्रेणी में यात्रा करने वाले पात्र रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक सीटों का लाभ मिलेगा। इस बदलाव का फायदा कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और उनके परिवारों को भी मिलेगा।
शताब्दी एक्सप्रेस में बढ़ाई गई सीट पात्रता
रेलवे बोर्ड ने 30 जुलाई को जारी आदेश में शताब्दी एक्सप्रेस की चेयर कार क्लास में यात्रा पात्रता (Entitlement) में संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार, पे मैट्रिक्स लेवल 11 से 17 तक के अधिकारियों और कर्मचारियों को सुविधा पास, पोस्ट-रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास और विधवा पास के तहत अब दो की जगह चार सीटों की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस के थ्री-एसी कोच में मिलने वाली सीट पात्रता के बराबर कर दी गई है।
सभी जोनल रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इस फैसले का लाभ उत्तर मध्य रेलवे सहित देश के सभी जोनल रेलवे के कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों को मिलेगा। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों की ओर से मांग की जा रही थी कि शताब्दी एक्सप्रेस की चेयर कार में सीटों की पात्रता भी राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस के समान की जाए। रेलवे बोर्ड ने इस मांग पर विचार करने के बाद नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
रेलवे बोर्ड को लगातार ऐसे प्रतिनिधित्व प्राप्त हो रहे थे जिनमें कहा गया था कि ड्यूटी पास पर पहले से ही दोनों श्रेणियों में समान पात्रता लागू है, इसलिए सुविधा पास और अन्य पासों पर भी यह व्यवस्था समान होनी चाहिए। व्यावसायिक निदेशालय और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद इस संशोधित नियम को लागू किया गया।
तकनीकी बदलाव के भी दिए गए निर्देश
रेलवे बोर्ड की उप निदेशक (कल्याण) रश्मि दहिया के अनुसार, सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) और HRMS के ई-पास मॉड्यूल में आवश्यक तकनीकी बदलाव जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि नई व्यवस्था का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा सीधा फायदा
इस फैसले के बाद पात्र रेलवे अधिकारी, कर्मचारी, सेवानिवृत्त रेलकर्मी और विधवा पासधारक अपने परिवार के साथ शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में पहले से अधिक सीटों का लाभ उठा सकेंगे। इससे यात्रा की सुविधा बढ़ेगी और सीट उपलब्धता से जुड़ी कई समस्याओं में भी राहत मिलने की उम्मीद है।