पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में बड़ा बदलाव करते हुए इसे एक ही बार में 20 प्रतिशत बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद अब राज्य कर्मचारियों का कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया है।
यह घोषणा सोमवार को वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा राज्य का पहला बजट पेश करते समय की गई। बढ़ा हुआ DA 1 अक्टूबर से लागू होगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
DA बढ़ोतरी का कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
नई दरों के अनुसार कर्मचारियों की सैलरी में DA के जरिए अच्छा खासा इजाफा देखने को मिलेगा। अलग-अलग बेसिक पे पर इसका असर इस तरह होगा:
- ₹20,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी
पहले DA: ₹3,600 → अब DA: ₹7,600
यानी लगभग ₹4,000 प्रति माह का फायदा - ₹30,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी
पहले DA: ₹11,400 → अब DA: ₹17,400
यानी करीब ₹6,000 की बढ़ोतरी - ₹75,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी
अब DA बढ़कर ₹28,500 तक पहुंचेगा
यानी लगभग ₹15,000 का सीधा फायदा
नई भर्तियों और अन्य घोषणाएं
बजट भाषण में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार आने वाले समय में लगभग 1 लाख खाली पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने की योजना बना रही है। इनमें से करीब 33% पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
इसके अलावा, सरकार ने कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को फिर से सक्रिय करने का भी प्रस्ताव रखा है।
केंद्र और राज्य कर्मचारियों के DA में अंतर
जहां पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों का DA बढ़कर 38% हो गया है, वहीं केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल लगभग 60% DA मिल रहा है।
इस बढ़ोतरी के बावजूद दोनों के बीच लगभग 22% का अंतर बना रहेगा।
केंद्र सरकार हर साल दो बार (जनवरी और जुलाई) DA में संशोधन करती है, जबकि राज्य स्तर पर यह बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम और देर से होती है। यही वजह है कि दोनों के DA में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
DA में अंतर की मुख्य वजहें
- केंद्र सरकार में DA की गणना 7वें वेतन आयोग के आधार पर होती है
- पश्चिम बंगाल में वेतन संरचना ROPA 2019 नियमों के तहत तय होती है
- केंद्र सरकार नियमित रूप से साल में दो बार DA संशोधित करती है
- राज्य स्तर पर संशोधन की प्रक्रिया धीमी रहती है
निष्कर्ष
20% की इस बढ़ोतरी के बाद पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी और उनकी मासिक आय में सुधार होगा। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में अभी भी DA का अंतर बना रहेगा, जो आने वाले समय में नीति बदलावों पर निर्भर करेगा।