भारत के पूर्व कप्तान Dilip Vengsarkar ने जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Auqib Nabi को भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने पर चयनकर्ताओं पर सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में मुख्य चयनकर्ता Ajit Agarkar की अगुवाई वाली चयन समिति ने अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान किया था। टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला, लेकिन रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले आकिब नबी को नजरअंदाज कर दिया गया।
रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में आकिब नबी ने 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे जैसे गेंदबाजों को प्राथमिकता दी। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है।
दिलीप वेंगसरकर ने इस चयन प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद भी खिलाड़ियों को मौका नहीं मिलता, तो रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट का महत्व ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आकिब नबी को नजरअंदाज करना बेहद हैरान करने वाला फैसला है और यह खिलाड़ी के साथ अन्याय जैसा है।
वेंगसरकर ने कहा कि किसी भी गेंदबाज का चयन सिर्फ उसकी रफ्तार से नहीं, बल्कि विकेट लेने की क्षमता से होना चाहिए। उनके मुताबिक आकिब नबी ने पूरे सीजन में लगातार शानदार गेंदबाजी की और वह टीम में जगह पाने के हकदार थे। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हो, तभी उसे मौका देना सबसे सही समय होता है।
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर Irfan Pathan ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, बोर्ड के एक सूत्र ने चयनकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा कि सिर्फ आंकड़ों के आधार पर टीम नहीं चुनी जा सकती। रिपोर्ट के मुताबिक, Gurnoor Brar ने इंडिया ए और घरेलू सीमित ओवर क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके चलते उन्हें मौका दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजीत अगरकर ने भी माना कि आकिब नबी के प्रदर्शन पर चर्चा हुई थी, लेकिन चयन समिति ने आखिरकार गुरनूर बराड़ को चुनना बेहतर समझा।