महिलाओं की फर्टिलिटी सिर्फ बढ़ती उम्र से ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की कई गलत आदतें भी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डाल सकती हैं. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर और सही पोषण लेकर फर्टिलिटी को बेहतर बनाया जा सकता है. खासतौर पर कुछ जरूरी विटामिन और पोषक तत्व महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
फोलिक एसिड को फर्टिलिटी के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. डॉक्टर भी गर्भधारण की तैयारी कर रही महिलाओं को इसे लेने की सलाह देते हैं. यह शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ एग्स की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है. फोलिक एसिड दाल, चना, साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियों में भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
इसके अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड भी महिलाओं के हार्मोन संतुलन को बनाए रखने में मददगार होता है. इससे एग्स बनने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से काम करती है और प्रजनन क्षमता को सपोर्ट मिलता है. अखरोट और अलसी के बीज ओमेगा-3 के अच्छे स्रोत माने जाते हैं.
अच्छी नींद भी फर्टिलिटी के लिए बेहद जरूरी है. देर रात तक जागना या पर्याप्त नींद न लेना शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ सकता है, जिसका असर मासिक धर्म और गर्भधारण की संभावना पर पड़ सकता है. विशेषज्ञ रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की सलाह देते हैं.
तनाव भी महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है. ज्यादा स्ट्रेस लेने से शरीर में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे पीरियड्स और ओव्यूलेशन पर असर पड़ सकता है. ऐसे में मानसिक रूप से शांत रहना और तनाव कम करने वाली गतिविधियों को अपनाना फायदेमंद हो सकता है.
वहीं, धूम्रपान और शराब का सेवन भी एग्स की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. लंबे समय तक इन आदतों का असर भविष्य में मां बनने की संभावना को कम कर सकता है. इसलिए बेहतर फर्टिलिटी और स्वस्थ प्रजनन क्षमता के लिए इनसे दूरी बनाना जरूरी माना जाता है।