मौसम में बदलाव के साथ बुखार होना काफी आम है। दरअसल, बुखार कोई अलग बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है। जब शरीर किसी संक्रमण से मुकाबला करता है, तब तापमान बढ़ सकता है। ज्यादातर मामलों में पर्याप्त आराम, सही मात्रा में तरल पदार्थ और उचित देखभाल से बुखार धीरे-धीरे ठीक हो जाता है। हालांकि, इस दौरान की गई कुछ गलतियां रिकवरी को मुश्किल बना सकती हैं।
यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद सेक्टर 88 के डायरेक्टर और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार अग्रवाल के मुताबिक, बुखार के दौरान लोग कई बार ऐसे घरेलू उपाय अपना लेते हैं, जो राहत देने के बजाय परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसलिए बुखार आने पर शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
शरीर में पानी की कमी न होने दें
बुखार के दौरान शरीर का तापमान बढ़ने और पसीना आने की वजह से शरीर से तरल पदार्थ कम हो सकते हैं। अगर इसकी भरपाई न की जाए तो डिहाइड्रेशन के कारण कमजोरी, सिरदर्द या चक्कर जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
इसलिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। इसके अलावा जरूरत के अनुसार ORS, नारियल पानी, हल्का सूप और अन्य तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं। इससे शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लें
बुखार के दौरान शरीर की ऊर्जा संक्रमण से लड़ने में खर्च होती है और कई लोगों को खाना पचाने में भी परेशानी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी खाना खाने से बचना बेहतर है।
डाइट में खिचड़ी, चावल, दाल, दलिया, उबली सब्जियां, टोस्ट, केला और हल्का सूप जैसे आसानी से पचने वाले विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अगर भूख कम है तो एक साथ ज्यादा खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लें।
बहुत ठंडे पानी से न नहाएं
बुखार में शरीर को ठंडा करने के लिए बर्फ जैसे ठंडे पानी से नहाना सही तरीका नहीं माना जाता। अचानक बहुत ठंडे पानी के संपर्क में आने से असहजता बढ़ सकती है।
अगर नहाने की जरूरत महसूस हो तो सामान्य से थोड़ा गुनगुना पानी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे शरीर साफ रखने के साथ ताजगी भी महसूस हो सकती है। अगर कमजोरी इतनी ज्यादा है कि नहाना मुश्किल लगे, तो गुनगुने पानी में भिगोए हुए कपड़े से शरीर को साफ किया जा सकता है।
आराम को भी दें पर्याप्त समय
बुखार के दौरान शरीर संक्रमण से लड़ने में अपनी ऊर्जा इस्तेमाल करता है। इसलिए पर्याप्त नींद और आराम लेना रिकवरी का अहम हिस्सा है। कमजोरी महसूस होने पर जरूरत से ज्यादा शारीरिक मेहनत करने या रोजमर्रा के कामों में खुद को थकाने से बचें।
बुखार में सिर्फ दवा ही नहीं, देखभाल भी जरूरी
बुखार से जल्दी ठीक होने के लिए केवल दवा पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त आराम, शरीर में पानी की कमी न होने देना और हल्का पौष्टिक भोजन लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बहुत ठंडे पानी जैसे घरेलू उपायों से बचना और शरीर की स्थिति पर नजर रखना रिकवरी के दौरान मददगार हो सकता है।
अगर बुखार लगातार बना रहे, बहुत तेज हो, बार-बार लौटे या उसके साथ सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम, लगातार उल्टी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।