अगर आपने हाल ही में नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान बनाया है, लेकिन बढ़ती कीमतों ने आपका बजट बिगाड़ दिया है, तो ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं हो रहा। पिछले कुछ महीनों में Samsung, OnePlus, Vivo, OPPO, Realme समेत कई बड़ी कंपनियों ने अपने स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रह सकता है और साल के अंत तक कई स्मार्टफोन पहले की तुलना में काफी महंगे हो सकते हैं।
AI की बढ़ती मांग का असर स्मार्टफोन की कीमतों पर
स्मार्टफोन महंगे होने की एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को माना जा रहा है। AI तकनीक के लिए एडवांस चिप्स की जरूरत होती है और इन चिप्स की मांग तेजी से बढ़ी है। चिप निर्माता कंपनियां AI सेक्टर को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए चिप्स की लागत बढ़ गई है। जब कच्चे पार्ट्स महंगे होते हैं, तो उसका सीधा असर फोन की कीमतों पर भी दिखाई देता है।
क्या अब सेकेंड हैंड या रिफर्बिश्ड फोन खरीदना बेहतर विकल्प है?
जब नए फोन लगातार महंगे हो रहे हैं, तब कई लोग सेकेंड हैंड और रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की ओर रुख कर रहे हैं। भारत में भी इस बाजार का तेजी से विस्तार हो रहा है। मार्केट रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले समय में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की मांग लगातार बढ़ सकती है, जबकि नए स्मार्टफोन की बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है।
कम बजट में मिल सकता है प्रीमियम स्मार्टफोन
सेकेंड हैंड फोन खरीदने का सबसे बड़ा फायदा कीमत है। जिस बजट में नया मिड-रेंज स्मार्टफोन मिलता है, उसी रकम में एक या दो साल पुराना फ्लैगशिप मॉडल खरीदा जा सकता है। ऐसे फोन में बेहतर कैमरा, दमदार प्रोसेसर, शानदार डिस्प्ले और वायरलेस चार्जिंग जैसे प्रीमियम फीचर्स भी मिल जाते हैं। यही कारण है कि कई खरीदार अब पुराने iPhone या प्रीमियम Android स्मार्टफोन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सिर्फ सस्ती कीमत देखकर न करें खरीदारी
कम कीमत आकर्षक जरूर लगती है, लेकिन सेकेंड हैंड फोन खरीदते समय केवल दाम देखकर फैसला करना नुकसानदायक हो सकता है। खरीदने से पहले कुछ जरूरी चीजों की जांच करना बेहद जरूरी है।
IMEI नंबर जरूर जांचें
फोन खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर चेक करें। *#06# डायल करके या फोन की सेटिंग में जाकर IMEI नंबर देखा जा सकता है। इसे फोन के बॉक्स पर लिखे नंबर से मिलाएं। यदि दोनों नंबर अलग हों या बॉक्स उपलब्ध न हो, तो सतर्क रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि फोन चोरी का या ब्लैकलिस्टेड न हो।
बैटरी की स्थिति पर दें ध्यान
यदि आप iPhone खरीद रहे हैं, तो Battery Health जरूर देखें। Android फोन में यह जानकारी हर मॉडल में उपलब्ध नहीं होती, इसलिए बैटरी बैकअप और चार्जिंग स्पीड की जांच करें। खराब बैटरी वाले फोन में बाद में अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है।
डिस्प्ले अच्छी तरह जांचें
फोन की स्क्रीन को सिर्फ ऊपर-ऊपर देखकर फैसला न करें। ब्राइटनेस बढ़ाकर अलग-अलग रंगों में स्क्रीन देखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं डेड पिक्सल, टच संबंधी समस्या या डिस्प्ले बदलने के संकेत तो नहीं हैं।
कैमरे का पूरा टेस्ट करें
सिर्फ एक फोटो लेकर संतुष्ट न हों। वीडियो रिकॉर्डिंग, सेल्फी कैमरा, अल्ट्रा-वाइड और टेलीफोटो कैमरा (यदि उपलब्ध हो) सभी को टेस्ट करें। कई बार किसी एक कैमरे में खराबी होती है, जिसका पता बाद में चलता है।
सभी जरूरी फीचर्स काम कर रहे हैं या नहीं
फोन खरीदने से पहले स्पीकर, माइक्रोफोन, वाइब्रेशन, Wi-Fi, Bluetooth, GPS, फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसी सभी सुविधाओं को जांच लें। इनमें खराबी आने पर रिपेयर का खर्च काफी अधिक हो सकता है।
पानी से डैमेज हुआ फोन खरीदने से बचें
अगर फोन कभी पानी के संपर्क में आया हो, तो भविष्य में कई तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं। जहां संभव हो, लिक्विड डैमेज इंडिकेटर की जांच करें। इसके अलावा फोन के स्क्रू भी देखें। यदि उन पर ज्यादा निशान दिखाई दें, तो संभव है कि फोन कई बार खोला गया हो।
सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी लें
पुराना फोन खरीदते समय यह जरूर पता करें कि उसे भविष्य में कितने समय तक सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर अपडेट मिलेंगे। बहुत पुराने मॉडल खरीदने से बचें, क्योंकि अपडेट बंद होने पर सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से खरीदना ज्यादा सुरक्षित
अगर आपका बजट थोड़ा बेहतर है, तो किसी विश्वसनीय रिफर्बिश्ड प्लेटफॉर्म या अधिकृत रीसेलर से फोन खरीदना बेहतर रहेगा। ऐसे प्लेटफॉर्म अक्सर फोन की जांच के बाद बेचते हैं और कई मामलों में वारंटी भी देते हैं, जिससे खरीदारी का जोखिम काफी कम हो जाता है।
मोलभाव करना न भूलें
यदि फोन की परफॉर्मेंस अच्छी है लेकिन उस पर हल्के स्क्रैच हैं, तो कीमत कम करवाई जा सकती है। खरीदने से पहले उसी मॉडल की ऑनलाइन औसत कीमत जरूर देख लें ताकि जरूरत से ज्यादा पैसे न देने पड़ें।
निष्कर्ष
आज के समय में सेकेंड हैंड या रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन खरीदना पहले जितना जोखिम भरा नहीं रहा। यदि सही तरीके से जांच-पड़ताल करके फोन खरीदा जाए, तो कम बजट में भी बेहतरीन फीचर्स वाला स्मार्टफोन मिल सकता है। खासकर ऐसे दौर में, जब नए स्मार्टफोन लगातार महंगे होते जा रहे हैं, इस्तेमाल किए गए और रिफर्बिश्ड फोन कई लोगों के लिए किफायती और समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकते हैं।