सड़कों पर बालू, मिट्टी, गिट्टी या अन्य सामग्री लेकर चलने वाले खुले डंपर, टिपर और ट्रकों से अक्सर धूल उड़ती है और सामान रास्ते में गिरने का खतरा बना रहता है। इससे न सिर्फ सड़क पर चलने वाले लोगों को परेशानी होती है, बल्कि पीछे आ रहे वाहनों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। प्रदूषण को कम करने और सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए सरकार ने अब इन वाहनों को लेकर नए नियम तय किए हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने डंपर और टिपर वाहनों में लोड को ढकने के लिए ऑटोमैटिक लोड कवर सिस्टम अनिवार्य करने का फैसला किया है। यह नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा।
डंपर-टिपर में लगाना होगा ऑटोमैटिक कवर सिस्टम
केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में किए गए बदलाव के अनुसार, खुले वाहनों में सामान को ढकने के लिए ऐसा ऑटोमैटिक सिस्टम लगाना होगा, जो वाहन पर मौजूद लोड को सुरक्षित तरीके से कवर कर सके। इसमें इलेक्ट्रिक, हाइड्रोलिक, मैकेनिकल या किसी अन्य तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बालू, मिट्टी, गिट्टी, कचरा या दूसरी सामग्री सड़क पर गिरने और हवा में उड़ने से रोकी जा सके।
धूल उड़ने पर ड्राइवर को मिलेगा अलर्ट
नए प्रावधान में डंपर और टिपर के ड्राइवर केबिन में ऑडियो-विजुअल अलर्ट सिस्टम लगाने की बात भी कही गई है। यदि वाहन से धूल या लोड के खुले रहने जैसी स्थिति बनती है, तो सिस्टम ड्राइवर को अलर्ट कर सकेगा। इससे चालक समय रहते जरूरी कार्रवाई कर पाएगा।
सरकार ने कब जारी किया नोटिफिकेशन?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 28 जुलाई 2026 को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन से संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया था। इससे पहले प्रस्तावित बदलावों को लेकर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थीं। इसके बाद 7 अगस्त 2026 को अधिसूचना भारत के राजपत्र में प्रकाशित की गई।
केंद्रीय मोटर वाहन (12वां संशोधन) नियम, 2026 के तहत डंपर और टिपर जैसे वाहनों पर लोड कवर करने वाला ऑटोमैटिक सिस्टम 1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य किया जाएगा।
नए नियम से क्या बदलेगा?
सड़कों पर खुले में निर्माण सामग्री या कचरा लेकर चलने वाले वाहनों से धूल और छोटे कण उड़ने की समस्या आम है। कई बार लोड से सामग्री सड़क पर गिर जाती है, जिससे दूसरे वाहन चालकों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है।
ऑटोमैटिक कवर सिस्टम लागू होने के बाद:
- सड़क पर लोड गिरने की संभावना कम होगी।
- धूल उड़ने से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।
- पीछे चल रहे वाहन चालकों की सुरक्षा बेहतर हो सकती है।
- सड़क पर गंदगी और निर्माण सामग्री फैलने की समस्या घटेगी।
- डंपर और टिपर संचालन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाला यह नियम सड़क सुरक्षा के साथ-साथ धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।