ट्रेन में अब नहीं चलेगी मनमानी! बॉडी कैमरा पहनकर टिकट चेक करेंगे TTE

Saroj kanwar
3 Min Read

नई दिल्ली: ट्रेन में टिकट जांच के दौरान कई बार यात्रियों और टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) के बीच बहस या विवाद की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में अक्सर यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि गलती किसकी थी। इसी चुनौती से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने एक नई पहल शुरू की है। अब कुछ चुनिंदा ट्रेनों में टीटीई बॉडी-वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट चेकिंग करेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड हो सकेगी।

उत्तर मध्य रेलवे ने इस व्यवस्था को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। यदि इसका परिणाम सकारात्मक रहता है, तो भविष्य में इसे अन्य ट्रेनों और रेलवे जोनों तक भी विस्तार दिया जा सकता है।

टिकट चेकिंग के दौरान होगी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर मध्य रेलवे अपने टिकट जांच कर्मचारियों को आधुनिक बॉडी कैमरे उपलब्ध करा रहा है। ये कैमरे टिकट चेकिंग के दौरान होने वाली पूरी बातचीत और घटनाओं की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग करेंगे। इससे किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में वास्तविक घटनाक्रम का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।

कैमरों में मिलेंगे कई एडवांस फीचर

रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इन बॉडी कैमरों में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इनमें हाई-डेफिनिशन (HD) वीडियो रिकॉर्डिंग, स्पष्ट ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विजन, लंबी बैटरी लाइफ और टैंपर-प्रूफ रिकॉर्डिंग सिस्टम शामिल हैं। खास बात यह है कि रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी, जिससे सबूत की विश्वसनीयता बनी रहेगी।

यात्रियों और टीटीई दोनों की बढ़ेगी सुरक्षा

रेलवे का मानना है कि इस पहल से यात्रियों और टिकट जांच कर्मचारियों, दोनों को फायदा मिलेगा। यदि टिकट चेकिंग के दौरान किसी तरह का विवाद, बदसलूकी या मारपीट होती है, तो कैमरे की रिकॉर्डिंग निष्पक्ष साक्ष्य के रूप में काम करेगी। इससे झूठी शिकायतों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और सही तथ्य सामने लाना आसान होगा।

इन ट्रेनों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट

फिलहाल इस नई व्यवस्था की शुरुआत दो प्रमुख ट्रेनों में की गई है। इनमें प्रयागराज एक्सप्रेस (12417/12418) और श्रम शक्ति एक्सप्रेस (12451/12452) शामिल हैं। दोनों ट्रेनें प्रयागराज मंडल के अंतर्गत संचालित होती हैं।

30 बॉडी कैमरे खरीदे गए, स्टाफ को दी जा रही ट्रेनिंग

इस परियोजना के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने 30 बॉडी-वॉर्न कैमरे खरीदे हैं। टिकट जांच स्टाफ को इन कैमरों के सही उपयोग और संचालन की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। रेलवे का कहना है कि यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में इस तकनीक को उत्तर मध्य रेलवे की अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *