चांदी में आज ₹10,318 की बड़ी गिरावट, इस महीने ₹35,767 टूटी: सोना भी ₹2,315 सस्ता, जून में ₹10,541 की गिरावट; जानें आपके शहर के ताज़ा रेट

Saroj kanwar
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सोने और चांदी की कीमतों में 23 जून को एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत में एक ही दिन में भारी गिरावट दर्ज हुई, जबकि सोना भी कमजोर होकर नए निचले स्तर पर आ गया है।

चांदी में बड़ी गिरावट, एक किलो पर 10 हजार से ज्यादा की कमी

चांदी की कीमतों में 10,318 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव घटकर करीब 2.27 लाख रुपये प्रति किलो रह गया। इससे पहले यह 2.37 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।

सोना भी टूटा, 10 ग्राम पर 2,300 रुपये से ज्यादा की गिरावट

वहीं, 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। 10 ग्राम सोना 2,315 रुपये सस्ता होकर लगभग 1.45 लाख रुपये पर आ गया। इससे पहले इसका दाम 1.47 लाख रुपये के करीब था।

महीनेभर में कितनी बड़ी गिरावट?

  • जून महीने में अब तक सोना करीब 10,541 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है।
  • इसी अवधि में चांदी की कीमतों में लगभग 35,767 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
  • 1 जून को सोना जहां 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, वहीं चांदी 2.63 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी।

शहरों में सोने के दाम अलग-अलग क्यों होते हैं?

भारत में हर शहर में सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं:

1. ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा खर्च
एक शहर से दूसरे शहर तक सोना पहुंचाने में ढुलाई, ईंधन और सुरक्षा लागत जुड़ जाती है, जिससे कीमतें बदल जाती हैं।

2. क्षेत्रीय मांग और खपत
दक्षिण भारत में सोने की खपत लगभग 40% तक होती है, जिससे वहां ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं, लेकिन डिस्काउंट का असर सीमित रहता है।

3. स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं।

4. ज्वेलर्स का स्टॉक और खरीद कीमत
दुकानदारों के पास पहले से मौजूद स्टॉक और खरीद दर भी अंतिम बिक्री कीमत को प्रभावित करती है।


इस साल सोना-चांदी की चाल: भारी उतार-चढ़ाव

2026 में सोना और चांदी दोनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

  • 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो जनवरी के अंत तक बढ़कर 1.76 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
  • इसके बाद से अब तक सोना करीब 31,000 रुपये से ज्यादा टूट चुका है।

वहीं चांदी की स्थिति और भी ज्यादा अस्थिर रही है—

  • 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी।
  • 29 जनवरी को यह बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
  • उसके बाद से अब तक इसमें लगभग 1.58 लाख रुपये की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

सरकार ने बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, क्या पड़ा असर?

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाला शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इसका उद्देश्य विदेशी खरीद को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना बताया गया है।

नई व्यवस्था के तहत:

  • 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी
  • 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC)

इन दोनों को मिलाकर कुल टैक्स 15% हो गया है। पहले यह दर 6% थी, जिसे 2024 के बजट में घटाया गया था।


सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

1. हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) का हॉलमार्क लगा हुआ प्रमाणित सोना ही लें, जिससे उसकी शुद्धता की पुष्टि हो सके।

2. कीमतों की तुलना जरूर करें
खरीदारी से पहले IBJA जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर सोने का भाव अलग-अलग कैरेट (24K, 22K, 18K) के अनुसार जरूर चेक करें।


असली चांदी की पहचान कैसे करें?

1. मैग्नेट टेस्ट – असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
2. आइस टेस्ट – असली चांदी पर बर्फ तेजी से पिघलती है।
3. स्मेल टेस्ट – असली चांदी में कोई गंध नहीं होती।
4. क्लॉथ टेस्ट – रगड़ने पर काले निशान आ सकते हैं, जो शुद्धता का संकेत हो सकता है।


भारत में सोने का विशाल भंडार: GDP से भी ज्यादा वैल्यू

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय परिवारों के पास लगभग 34,600 टन सोना मौजूद है, जिसकी कुल कीमत देश की GDP से भी अधिक मानी जा रही है।

  • घरेलू सोने का मूल्य करीब 5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹450 लाख करोड़) तक पहुंच गया है।
  • जबकि भारत की GDP लगभग 4.1 ट्रिलियन डॉलर (₹370 लाख करोड़) के आसपास है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

निष्कर्ष

सोना और चांदी की कीमतों में जारी गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। हालांकि लंबे समय में इन धातुओं में उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है, लेकिन मौजूदा गिरावट ने बाजार में हलचल जरूर बढ़ा दी है।

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